चैत्न नवरात्रि का आज चौथा दिन मां कूष्मांडा का ..आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो जरूर करें इनका पूजन
<p><em>हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है और चतुर्थी नवरात्रि व्रत है। नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है और आज के दिन उनका विधि-विधान से पूजन किया जाता है। कहते हैं कि आठ भुजाओं वाली माता कूष्मांडा अपने भक्तों के सभी कष्ट व परेशानियों का नाश करती हैं। अगर आप भी माता कूष्मांडा का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो उनकी व्रत कथा, आरती और कुछ मंत्रों का जाप अवश्य करें।</em></p> <p><img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1679722825maa_kushmanda.jpg" style="height:450px; width:800px" /> </p> <p><strong>मां कूष्मांडा</strong></p>
मां कूष्मांडा पूजन विधि
नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है और उन्हें सफेद रंग बेहद प्रिय है। इसलिए सुबह स्नान आदि करने के बाद सफेद रंग के वस्त्र पहनें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें। इसके बाद मंदिर में स्थापित कलश का पूजन करें और फिर मां दुर्गा की मूर्ति का पूजन करें।पूजा के बाद मां कूष्मांडा की व्रत कथा और आरती जरूर पढ़ें
कौन हैं मां कूष्मांडा
दुर्गा का चौथा स्वरूप कूष्मांडा मां का है। इनकी आठ भुजाएं हैं। कमंडल, धनुष बाण, चक्र, गदा, अमृतपूर्ण कलश, कमल पुष्प, सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। मान्यता है कि जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था तब माता ने ब्रह्मांड की रचना कर सृष्टि की आदिस्वरूपा और आदिशक्ति बन गई थीं । यह केवल एक मात्र ऐसी माता है जो सूर्यमंडल के भीतर के लोक में निवास करती हैं। इनकी पूजा करके व्यक्ति अपने कष्टों और पापों को दूर कर सकता है।
कूष्मांडा देवी मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
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