अब गिरेगी सरकारी गाज हैकर्स,साइबर चोरों और जालसाजों पर ... गृह मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला
<p>गृह मंत्रालय ने हैकिंग और जालसाजी करने वालों पर शिकंजा कसने का फैसला कर लिया है और उन पर कार्यवाई के मद्देनज़र एक कमांडों विंग बनाया जायेगा। जिसके लिए गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र भेज कर साइबर सुरक्षा संरचना के लिए प्रतिभाशाली लोगों के नाम मांगे हैं। </p>
चयन के बाद दिया जाएगा प्रशिक्षण
गृहमंत्रालय के पत्र के मुताबिक साइबर कमांडो को सभी रैंक के सेवारत कर्मियों में से आइटी सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक क्षेत्र में उनके ज्ञान और योग्यता के आधार पर चुना जाएगा। उन्हें विशेष रूप से डिजाइन किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरना होगा।
75 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय संगठनों पर हो चुके हैं साइबर अटैक
रैंसमवेयर हमले नुकसानदेह होते जा रहे हैं। देश के 75 फीसदी से ज्यादा संगठनों ने ऐसे हमलों का सामना करना पड़ा। इससे करीब 35 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। साइबर क्षमताओं का इस्तेमाल महत्त्वपूर्ण अवसंरचनाओं, उद्योगों और सुरक्षा को कमजोर करने के लिए किया जा सकता है। यूक्रेन में युद्ध में हैकिंग और जीपीएस जैमिंग का उपयोग कर संचार उपकरणों की इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली को निष्क्रिय करने के मामले सामने आ चुके हैं। सीईआरटी-इन भारत के संगठनों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर चुका है, लेकिन ज्यादातर के पास साइबर हमलों की पहचान करने और उन्हें रोकने के साधनों का अभाव है। देश की साइबर सुरक्षा संरचनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी सीमित है। साइबर हमलों से यूजर्स और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए समान विचारधारा वाले अंतर-सरकारी और सरकारी ढांचे के साथ सहयोग जरूरी है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के ज्यादा समावेश से साइबर स्पेस और जटिल होने की आशंका है। यह तकनीकी और कानूनी प्रकृति की समस्याओं को जन्म देगा।
इसके अलावा 5जी की शुरुआत और क्वांटम कंप्यूटिंग के आगमन से सॉफ्टवेयर की शक्ति के दुरुपयोग किये जाने की प्रबल आशंका है।
राजनेता और एक्टर भी हो चुके हैं शिकार
साइबर ठगी का जाल पूरे देश में इस कदर फैला है कि बॉलीवुड एक्टर आफताब शिवदासानी और डीएमके सांसद दयानिधि मारन भी इसका शिकार हो गए। दयानिधि के खाते से किसी ने 99 हजार 999 रुपए निकाल लिए। उन्होंने मंगलवार को ऑनलाइन फॉड की शिकायत दर्ज करवाई। पूर्व संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री दयानिधि मारन ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें 8 अक्टूबर को अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल रिसीव करने के बाद उनके खाते से यह राशि डेबिट हो गई। उधर अभिनेता आफताब को एक निजी बैंक से केवाईसी अपडेट करने का मैसेज आया। इसके बाद उनके अकाउंट से 1.50 लाख रुपए डेबिट हो गए।
साइबर सुरक्षा उपायों को बढ़ाना बेहद आवश्यक
हैकिंग, ऑनलाइन जालसाजी और धोखाधड़ी की घटनाओं ने देश के डिजिटल नेटवर्क की विभिन्न कमजोरियां उजागर की हैं। इसी साल एम्स (दिल्ली) के सर्वर पर हुए हमले से तकरीबन चार करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड की गोपनीयता भंग हुई और दो हफ्ते तक सिस्टम आउटेज से जूझना पड़ा। एक अन्य साइबर हमले में रैंसमवेयर समूह 'ब्लैककैट' ने रक्षा मंत्रालय के लिए गोला-बारूद और विस्फोटकं बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सुरक्षा को भंग किया और दो टेराबाइट से ज्यादा डेटा की चोरी की। भविष्य में इस तरह के हमलों को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की आवश्यकता है।
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