राजस्थान में सीएम गहलोत ने 2 लाख लाभार्थियों से किया संवाद, बताया 2030 का विजन

<p>Ashok Gehlot :&nbsp;<em><strong>सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। पहले जहां राजस्थान की एक पिछड़े राज्य की छवि थी।&nbsp;</strong></em></p>

राजस्थान में सीएम गहलोत ने 2 लाख लाभार्थियों से किया संवाद, बताया 2030 का विजन
31-03-2023 - 12:39 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। पहले जहां राजस्थान की एक पिछड़े राज्य की छवि थी। वहीं आज राजस्थान एक मॉडल स्टेट के रूप में तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। सीएम गहलोत गुरूवार को राजस्थान दिवस पर जयपुर में आयोजित लाभार्थी उत्सव को संबोधित कर रहे थे। 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आमजन को निशुल्क शिक्षा, पानी, बिजली, राशन, स्वास्थ्य बीमा, जांच, दवाई, उपचार के साथ 1 करोड़ लोगों को पेंशन, नए स्कूल, कॉलेज, सड़कों, सस्ते गैस सिलेंडर आदि जनहितैषी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही राजस्थान 11.04 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य सरकार द्वारा जनता का पैसा जनहित में खर्च करने के कारण ही ये दोनों उपलब्धियां एक ही समय में संभव हुई है। 
उन्होंने कहा कि आमजन को योजना का लाभ लेने में परेशानी न हों इसलिए 181 हेल्पलाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 200 से बढ़ाकर 1000 कर दी गई है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान में 19 नए जिले बनाए गए हैं। ताकि छोटी प्रशासनिक इकाइयों के माध्यम से बेहतर सुशासन दिया जा सके। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जानी चाहिए ताकि राज्य में कोई भी पात्र व्यक्ति इनके लाभों से वंचित न रहे। आज राज्य सरकार की योजनाएं पूरे देश में चर्चा का विषय है। जनकल्याण में राज्य में किए गए नवाचार अद्वितीय हैं। इनका लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। जिस प्रकार कोरोना प्रबंधन में आमजन ने आगे बढ़कर कोई भूखा न सोए की संकल्पना को साकार करने में योगदान दिया था। इसी प्रकार अब कोई भी व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। 
सभी से मांगा सहयोग
सीएम गहलोत ने आमजन से राजस्थान को 2030 तक देश में नंबर वन राज्य बनाने में योगदान देने का आह्वान किया। सीएम गहलोत ने कहा कि 2030 तक प्रदेश के प्रत्येक परिवार की सम्पन्नता के लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। ताकि हर राजस्थानी देश की अग्रिम पंक्ति में आ सके। लाभार्थियों से संवाद इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से जुड़े लाभार्थियों से संवाद किया। राज्य के सभी जिलों से लगभग 2 लाख लाभार्थी वीसी के माध्यम से एवं प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम से जुड़े। 
लाभार्थियों ने व्यक्त किए अपने विचार
डूंगरपुर: जिले के मोहन पाटीदार ने बताया कि उनके छोटे भाई की दुर्घटना में मृत्यु होने पर राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के तहत 5 लाख रूपए दिए गए जिससे उनके परिवार को आर्थिक संबल मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना में अपने परिवारजनों को गंवाने वाले लोगों को संबल देने के उद्देश्य से ही यह योजना लाई गई है। अब इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रूपए कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी से इस योजना को और अधिक लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करने का आह्वान किया ताकि राज्य सरकार अधिक से अधिक शोक संतप्त परिवारों की सहायता कर सके। 
बाड़मेर: जिले के दिव्यांग लाभार्थी नरपत सिंह ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उनके बच्चों को पालनहार योजना का लाभ मिलने के साथ-साथ उन्हें मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना के तहत पेंशन मिल रही है। उन्होंने पालनहार योजना में मिलने वाली राशि को 1000 से 1500 रूपए करने एवं पेंशन राशि को 750 से 1000 रूपए करने के लिए गहलोत को धन्यवाद ज्ञापित किया। गहलोत ने कहा कि राज्य के सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के हित में पेंशन राशि को बढ़ाया गया है। योजना के लिए प्रावधित राशि को 9000 करोड़ से बढ़ाकर 12000 करोड़ किया गया है। बाड़मेर की ही लाभार्थी धाई देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत उनके दोनों घुटनों का निशुल्क ऑपरेशन हुआ। जिसके कारण अब वह सुगमता से चल पा रही हैं। गहलोत ने लाभार्थी के सफल ऑपरेशन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि चिरंजीवी योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा राशि 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रूपए कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित योजना का लाभ लेना हर पात्र नागरिक का अधिकार एवं कर्तव्य है। बाड़मेर की लाभार्थी श्रीमती विमला देवी ने बताया कि उनकी बेटी निर्मला जन्म से ही सुनने और बोलने में अक्षम थी। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा के अन्तर्गत उसका सफल कॉकलियर इम्प्लांट हुआ। सीएम गहलोत ने कहा कि चिरंजीवी योजना के द्वारा निःशुल्क इलाज मिलने से बालिका का जीवन सुगम हो पाया है। यह हमारे लिए संतोष की बात है। 
कोटा: जिले के लाभार्थी गौरव वर्मा ने बताया कि वे साधारण परिवार से संबंध रखते हैं और अपनी जेईई कोचिंग की फीस भरने में असमर्थ थे। लेकिन मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के अन्तर्गत उनकी निःशुल्क कोचिंग संभव हो पाई है। अब एमएनआईटी में उनका एडमिशन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुप्रति योजना के तहत पहले 15000 युवाओं को कोचिंग का प्रावधान था जिसे अब बढ़ाकर 30000 कर दिया गया है। वहीं, राजीव गांधी स्कॉलशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के तहत अब 200 के स्थान पर 500 विद्यार्थी राज्य सरकार के खर्च पर विदेश में अध्ययन के लिए जा सकेंगे। कोटा के लाभार्थी देवकिशन ने मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ गई है। सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 5000 हजार स्कूटी प्रतिवर्ष दिव्यांगजनों को दी जा रही है और आगामी समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। 
जोधपुर: जिले के लाभार्थी सुमेर देवड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना से उनका आर्थिक भार कम हुआ है तथा घरेलू बिजली में भी 50 यूनिट मुफ्त होने से बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों के लिए 2000 यूनिट तक बिजली मुफ्त कर दी गई है। जिससे 14 लाख किसानों का बिजली बिल शून्य हो जाएगा। साथ ही 100 यूनिट तक घरेलू बिजली मुफ्त कर दी गई है। जिससे 1.04 करोड़ परिवारों का बिजली बिल शून्य होगा। जोधपुर की ही लाभार्थी राजकंवर ने बताया कि उड़ान योजना के तहत निशुल्क सेनेटरी पेड मिलने से उनका जीवन सुगम हुआ है तथा स्वास्थ्य प्रबंधन बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाज में व्याप्त संकोच अब समाप्त होना चाहिए। माहवारी के दौरान सेनेटरी पेड का उपयोग नहीं करने से महिलाएं गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाती हैं। उड़ान योजना में 500 करोड़ की लागत से महिलाओं एवं किशोरियों को हर महीने 12 सेनेटरी पेड निःशुल्क उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। 
धौलपुर: जिले की लाभार्थी छात्रा प्रीति पाराशर एवं रूचि भदौरिया ने बताया कि उनके परिवार निजी अंगे्रजी माध्यम विद्यालयों की महंगी फीस वहन नहीं कर सकते थे, परन्तु अब महात्मा गांधी अंगे्रजी माध्यम विद्यालय में उन्हें अंगे्रजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने इन छात्राओं के अंग्रेजी में बात करने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के खुलने से आर्थिक रूप कमजोर विद्यार्थियों तक निःशुल्क अंग्रेजी माध्यम शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हुई है। वर्तमान में लगभग 2 लाख बच्चे इन स्कूलों में अध्ययन कर रहे हैं।
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।