सरकारी स्कूलों में सफाईकर्मी नहीं होंगे तो क्या नन्हें बच्चे करेंगे टॉयलेट की सफाई...मप्र और तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों के शर्मनाक वीडियो आये सामने
<p><em><strong>मध्य प्रदेश में रतलाम के पलसोड़ी गांव और तमिलनाडु के पलकराई के सरकारी स्कूल के बच्चों से टॉयलेट साफ कराने के शर्मनाक मामले सामने आये हैं। आमतौर पर बच्चों को स्कूल में साफ सफाई करते देखा जाता है । बच्चों का कहना है स्कूल टीचर उनसे शौचालय साफ करवा रही हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच का आदेश दे दिया है। वहीं तमिलनाडु कि प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है।</strong></em><br /> </p>
पलसोड़ी गांव में स्कूली बच्चों से टॉयलेट साफ कराने का वीडियो गांव के किसी शख्स ने बनाया है। वीडियो बनाने के बाद उस व्यक्ति ने वीडियो मीडिया को भेज दिया। इसके बाद गांव के सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ हो रहे आपत्तिजनक कृत्य की पोल खुल गई है। सरकारी स्कूल में बच्चों से साफ-सफाई कराना आम बात है लेकिन टॉयलेट साफ करना बेहद आपत्तिजनक है। बच्चों का आरोप है कि यह टॉयलेट शिक्षिका ही उपयोग करती हैं और दो तीन बच्चों से ही कुछ दिनों के अंतराल में टॉयलेट साफ करवाती हैं।
इस पर जिला शिक्षा अधिकारी का बयान
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी केसी शर्मा का कहना है कि इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में चपरासी की व्यवस्था लगभग खत्म हो चुकी है। ऐसे में कई बार स्कूली बच्चे काम करते नजर आते हैं लेकिन शौचालय साफ कराते हुए बच्चे पहली बार दिखाई दिए हैं, जोकि बेहद आपत्तिजनक है|
तमिलनाडु में भी ऐसा ही मामला सामने आया
इसी तरह का एक और मामला तमिलनाडु के पलकराई के स्कूल में देखने को मिला है। वहां की हेड मिस्ट्रेस पर केस दर्ज हुआ है। उन पर आरोप है कि वे अनुसूचित जाति के 6 बच्चों से जबरन टॉयलेट साफ करवाती थी। आरोप जयंती नाम की महिला ने लगाए हैं।
बच्चे को डेंगू होने पर मामला प्रकाश में आया
जयंती का बेटा भी टॉयलेट साफ करता था, इसी दौरान उसे मच्छरों ने काटा और उसे डेंगू हो गया। उससे पूछने पर बच्चे ने बताया कि टॉयलेट साफ़ करते समय बहुत मच्छर काटते हैं। पुलिस ने महिला की शिकायत पर पलकराई पंचायत यूनियन स्कूल की हेड मिस्ट्रेस के खिलाफ SC-ST एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
हेड मिस्ट्रेस को किया गया सस्पेंड
पेरुंदुरई शिक्षा जिला अधिकारी देवीचंद्र मामले की जांच करने के लिए पलकराई स्कूल गए। वहां प्रधानाध्यापिका की इस हरकत के बारे में पता चला। जिस दिन अधिकारी पहुंचे उस दिन हैड मिस्ट्रेस गीतारानी स्कूल पहुंची ही नहीं। इसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है।
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