खड़गे, मोदी, राजनाथ ने ठहाकों के बीच खाया खाना; कृषि मंत्री तोमर ने भोजन में खिलाये ज्वार, बाजरा, रागी आदि मिलेट्स से बने व्यंजन
<p><em>आज, मंगलवार 20 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 'कुत्ते' वाले बयान पर मंगलवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। भाजपा ने खड़गे से माफी की मांग की और कहा कि उन्होंने देश के सामने झूठ पेश करने की कोशिश की। इस पर खड़गे ने कहा कि उन्होंने जो कहा वह सदन के बाहर कहा था। इस गहमागहमी और हंगामे के बाद दोनों पार्टियों के नेता दोपहर के भोजन का लुत्फ़ उठाने के साथ ही हंसी मज़ाक करते भी दिखे। </em></p>
आज मंगलवार, 20 दिसंबर को संसद परिसर में सभी सांसदों के लंच की व्यवस्था केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की। प्रधानमंत्री मोदी भी दोपहर के भोजन में शामिल हुए। प2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स घोषित किया है। इसी के तहत संसद में आज ज्वार, बाजरा और रागी से बनी व्यंजन परोसे गए ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 'अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष' को चिह्नित करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने मंगलवार (20 दिसंबर) को लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए विशेष कदन्न (मिलेट) भोजन की मेजबानी की । इसमें पीएम मोदी करीब 40 मिनट मौजूद रहे। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ''हम अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 की तैयारी कर रहे हैं । संसद में एक शानदार दोपहर के भोजन में भाग लिया जहां बाजरे के व्यंजन परोसे गए. सभी पार्टी के नेताओं की भागीदारी को देखकर अच्छा लगा ।'
क्या था खड़गे का विवादित बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजस्थान के अलवर में रविवार को कहा था, हमने देश को आज़ादी दिलाई और देश की एकता के लिए इंदिरा और राजीव गांधी ने अपनी जान की क़ुर्बानी दी। हमारे पार्टी के नेताओं ने अपनी जान दी, आपने क्या किया? आपके घर में कोई देश के लिए कुत्ता तक मरा है..? क्या (किसी ने) कोई क़ुर्बानी दी है? नहीं..
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र को प्रस्ताव दिया था कि साल 2023 को International Year of Millets (IYOM) के रूप में घोषित किया जाए। भारत के इस प्रस्ताव को 72 देशों ने समर्थन दिया था। जिसके बाद राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 5 मार्च, 2021 को घोषणा की कि 2023 को International Year of Millets के रूप में मनाया जाएगा।
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