अब बर्दाश्त नहीं होगी अनुशासनहीनता, गहलोत और पायलट को राहुल गांधी ने अलवर में पढ़ाया पाठ

<p><em><strong>बंद कमरे में करीब डेढ घंटे तक चली बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और कुछ चुनिंदा मंत्री ही मौजूद रहे। राजनैतिक गलियारों में अब इसी बात की चर्चा है कि आखिर राहुल गांधी ने क्या डोज दिया।&nbsp;</strong></em></p>

अब बर्दाश्त नहीं होगी अनुशासनहीनता, गहलोत और पायलट को राहुल गांधी ने अलवर में पढ़ाया पाठ
21-12-2022 - 06:57 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान आने पर प्रदेश कांग्रेस का बवंडर शांत हुआ है। कांग्रेस के दो गुट जो लम्बे समय से एक दूसरे पर तीखे बयानों की बौछार कर रहे थे। वे पिछले 15 दिन से शांत हैं। अब राहुल गांधी ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच के विवाद को कम करने के लिए अलवर सर्किट हाउस में बैठक ली। बंद कमरे में करीब डेढ घंटे तक चली बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और कुछ चुनिंदा मंत्री मौजूद रहे। राजनैतिक गलियारों में अब इसी बात की चर्चा है कि आखिर राहुल गांधी ने क्या डोज दिया। दिलचस्प बात यह भी है कि क्या यह डोज कारगर साबित होगा। 
गहलोत और पायलट को राहुल सख्त हिदायत
राजस्थान से गुजर रही भारत जोड़ो यात्रा का अंतिम पड़ाव अलवर है और इसीलिए अलवर में राहुल गांधी ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। पार्टी सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों दोनों नेताओं और उनके समर्थकों की बयानबाजी से राहुल गांधी खुश नहीं हैं। अलवर के सर्किट हाउस में हुई बैठक में राहुल गांधी ने गहलोत और पायलट को बयानबाजी से बचकर पार्टी को मजबूत करने के निर्देश दिए। दोनों को सख्त हिदायत दी गई कि एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी से पार्टी को नुकसान पहुंचता है। केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में राहुल गांधी ने कहा कि राजस्थान ही ऐसा राज्य है, जहां कांग्रेस सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में है। ऐसे में निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर पार्टी हित में सोचें।
बहुत हुआ, अब बर्दाश्त नहीं होगी अनुशासनहीनता
राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि राजस्थान में पिछले दिनों हुए सियासी घमासान से पार्टी की काफी किरकिरी हुई है। कांग्रेस नेताओं के आपसी टकराव से विरोधियों को सियासी हमले करने का मौका मिल जाता है। साथ ही, जनता में पार्टी के प्रति विश्वास कम होता है। ऐसे में देशहित और पार्टी हित में सोचते हुए व्यक्तिगत फायदे को भूलकर सामुहिक फायदे के बारे में सोचें। पिछले दिनों जो भी घटनाक्रम हुआ। उसकी रिपोर्ट पर 23 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली बैठक में चर्चा होनी है। चर्चा के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपना फैसला सुना सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि बस, बहुत हुआ, अब अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। अगर हमें बीजेपी से मुकाबला करना है तो इस तरह की हरकतें बिल्कुल बंद करनी होगी।
सबको मिलेगा उनकी मेहनत का फल
राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को शांत रहने के निर्देश देने के साथ ही कहा कि जो पार्टी के लिए मेहनत करेगा, उसे मेहनत का फल जरूर मिलेगा। उन्होंने धैर्य रखने की बात दोहराते हुए कहा कि कौन क्या कर रहा है, यह सबको पता है। हर एक्टिविटी और भावी रणनीति की रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान के पास पहुंच जाती है। ऐसे में बार बार बताने की जरूरत नहीं है। जो पार्टी के लिए काम करेगा, पार्टी उसे आगे और अच्छा काम करने का मौका देगी। इसके लिए नेताओं को भी जनता का भरोसा जीतना जरूरी है। पार्टी विरोधी गतिविधियों से वह नेता जनता का भरोसा खो देता है। इससे बचने की जरूरत है।
योजनाओं की मार्केटिंग करें

राहुल गांधी ने कहा कि राजस्थान सरकार की योजनाएं अपने आप में अनूठी है। गहलोत सरकार की योजनाओं से हर वर्ग के लोगों को सीधी राहत पहुंच रही है। ऐसे में अब इन योजनाओं को भुनाने का वक्त है। योजनाओं की मार्केटिंग में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जुट जाना चाहिए। प्रदेश के हर मतदाताओं तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य बनाकर कार्य करें। 
जल्द ही गुड न्यूज मिलेगी
बैठक के समापन के बाद जब मीडिया ने राहुल गांधी से सवाल पूछे तो उन्होंने मुस्कुराते हुए इतना ही कहा कि जल्द ही गुड न्यूज मिलेगी। अब यह गुड न्यूज क्या है? क्या प्रदेश में नेतृत्व बदलाव के संकेत तो नहीं। सियासी गलियारों में राहुल के इस कथन के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।