कुलधरा में दीवार गिराने वाले की पहचान, पुलिस में दर्ज होगा मामला
<p>रील बनाने के चक्कर में जैसलमेर के ऐतिहासिक कुलधरा गांव में स्थित एक पुरानी दीवार को पैर की ठोकर से गिराने वाले युवक की पहचान हो गई है। उसने एक वीडियो जारी कर अपने कृत्य के लिए माफी मांगी है लेकिन पुलिस प्रशासन का कहना है कि उसके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। </p>
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि कुलधरा एक संरक्षित गांव है और यहां दीवार गिराने वाले के खिलाफ भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग को पुलिस में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। दूसरी तरफ पुलिस ने कुलधरा की देखरेख व वहां विकास कार्य करवाने वाली जैसलमेर विकास समिति से भी कहा है कि वह पुलिस में मामला दर्ज करवाए। ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के इस गांव में तोडफोड़ को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। वहीं, जैसलमेर विकास समिति के सचिव चंद्रप्रकाश व्यास ने अपनी टीम के साथ गुरुवार को तोड़ी गई दीवार का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को मामला दर्ज करवाया जाएगा।
रील अपलोड कर फंसा
गौरतलब है कि बीते बुधवार को तीन युवकों की एक रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें एक जना हंसता हुआ कुलधरा स्थित खंडहरनुमा घर की दीवार को पैर की ठोकर से गिराता है और दूसरे युवक ने उसका हाथ पकड़ा हुआ है। बाद में, उनके साथ एक अन्य युवक भी नजर आता है। यह रील सामने आने के बाद मामला सबकी निगाहों में आ गया। जैसलमेर के पालीवाल समाज सहित अन्य लोगों ही नहीं अन्य जगहों के निवासियों ने भी इस प्राचीन विरासत के साथ बदसलूकी को गंभीरता से लिया और युवकों के कृत्य की कड़ी भत्र्सना की। जैसलमेर पुलिस प्रशासन ने युवकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निश्चय किया है। जानकारी के अनुसार दीवार गिराने वाला युवक राजस्थान का ही निवासी है।
सदर थाने में दी रिपोर्ट
इस बीच जैसलमेर के रेवंतसिंह की ढाणी निवासी ओमप्रकाश पालीवाल ने कुलधरा की प्राचीन दीवार को क्षतिग्रस्त करने वाले देवराज आंकोलिया और तीन अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सदर पुलिस थाना में रिपोर्ट दी है। उन्होंने जिला कलक्टर को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया है। ज्ञापन देने वालों में अरविंद सिंह भाटी, भवानी सिंह भाटी, सुनील पालीवाल, गौरव पालीवाल, राजेश पालीवाल, दशरथ सिंह, जुगत सिंह आदि शामिल थे।
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