मोसाद-सीआईए की सटीक चाल: बाइडन की आखिरी ‘धमकी’ से घुटनों पर आया हमास

<p><em><strong>गाजा युद्ध में एक अहम घटनाक्रम हुआ है। इजरायल और हमास के बीच 50 बंधकों की रिहाई और अस्थायी संघर्ष विराम पर सहमति बनी है। इस डील को कराने में मोसाद और सीआईए के चीफ की अहम भूमिका रही। वहीं, जो बाइडन का कतर के अमीर को फोन करना काम कर गया।</strong></em></p>

मोसाद-सीआईए की सटीक चाल: बाइडन की आखिरी ‘धमकी’ से घुटनों पर आया हमास
23-11-2023 - 10:10 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

इजरायल और हमास के बीच 50 बंधकों की रिहाई को लेकर समझौता हो गया है। इसके साथ ही अस्थायी संघर्ष विराम को लेकर भी दोनों ही पक्षों के बीच सहमति बन गई है। गाजा में युद्ध के बीच दोनों में यह समझौता आसान नहीं था लेकिन इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए के प्रमुखों ने दिन-रात एक करके यह समझौता कराया। इस डील को लेकर अमेरिका की साख भी दांव पर लगी थी, इसलिए राष्ट्रपति बाइडन को कतर के प्रमुख समेत कई लोगों को बार-बार फोन तक करने पड़े। एक समय स्थिति यह आ गई थी कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिकी राजनयिक ब्रेट मैकगुर्क का हाथ तक पकड़कर रोकना पड़ा जो इजरायली कैबिनेट की तनावपूर्ण मीटिंग के दौरान बाहर जाने लगे।
यह बैठक हमास के कब्जे में मौजूद बंधकों की रिहाई के लिए आयोजित की गई थी। नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस के समन्वयक ब्रेट से कहा, ‘हमें इस डील की जरूरत है।’

इससे पहले नेतन्याहू और बाइडन के बीच फोन पर हमास के 50 बंधकों की रिहाई को स्वीकार करने पर सहमति बनी। इसमें इजरायली महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इस डील की दिशा में दो दिन पहले एक बड़ी सफलता उस समय मिली जब हमास कई दिनों की आनाकानी के बाद आखिरकार बंधकों की उम्र, लिंग और राष्ट्रीयता को बताने को राजी हुआ। इससे पता चला कि हमास ने कई बच्चों और मासूमों को भी बंधक बनाया है।
बाइडन ने कतर के अमीर को दी आखिरी धमकी
रिपोर्ट के मुताबिक इस डील के होने में कतर अहम भूमिका निभा रहा था लेकिन हमास पर उसकी उतनी पकड़ नहीं थी। हमास ने बीच में बातचीत तोड़ने की धमकी दी। उसने मांग की कि इजरायल की सेनाएं जो अल शिफा अस्पताल में गई हैं, वे वहां से चली जाएं। इजरायली सेना ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। हालांकि उसने संकेत दिया कि वह हॉस्पिटल को चलाती रहेगी। एक बार जब दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई तो बाइडन ने चीनी राष्ट्रपति के साथ शिखर वार्ता से फ्री होकर कतर के अमीर को फोन किया। उन्होंने साफ संदेश दिया, ‘समय बीता जा रहा है।’ बाइडन के इस धमकी भरे संदेश के बाद कतर के अमीर ने आश्वासन दिया कि वह इस डील को कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
अगले दिन तय हुई डील की शर्तें
इसके अगले दिन अमेरिकी राजनयिक ब्रेट मैकगुर्क ने दोहा में कतर के अमीर से मुलाकात की और डील की शर्तों को देखा। इसके तहत पहले चरण में कैसे महिलाओं और बच्चों को छोड़ा जाएगा। साथ ही, हमास को इसके लिए समझाया जाएगा कि वह कैसे और ज्यादा बंधकों को छोड़ दे। इसी मीटिंग के दौरान सीआईए चीफ को फोन किया गया। इजरायल की युद्ध कैबिनेट ने रविवार को बहुत कम बदलावों के साथ इस डील को मंजूरी दे दी। इस समझौते की शर्तों को कतर के अमीर ने हमास के पास भेजा और वहां से मंगलवार की सुबह संदेश आया कि हमें यह स्वीकार है।
मोसाद और सीआईए चीफ ने संभाला मोर्चा
बाइडन प्रशासन को शुरू से भरोसा था कि कतर के जरिए हमास के साथ डील को कराया जा सकता है। इजरायल ने मोसाद के चीफ को हमास के साथ चल रही इस वार्ता का मुख्य वार्ताकार नियुक्त किया था। इस दौरान अमेरिका से सीआईए चीफ विलियम बर्न्स ने मोर्चा संभाल लिया। कतर के पीएम मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने सीधे हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानिया के साथ बात की। आखिरकार इजरायल और हमास के बीच 50 बंधकों की रिहाई और अस्थायी युद्ध विराम पर समझौता हो गया।
दोनों तरफ के बंदियों को मिलेगी रिहाई
इजराइल की कैबिनेट ने फिलिस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास के साथ अस्थायी युद्धविराम को बुधवार को मंजूरी दी, जिससे छह सप्ताह से जारी विध्वंसक युद्ध कुछ दिन के लिए रुक जाएगा। इस दौरान गाजा पट्टी में हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई के बदले इजराइल की जेलों में बंद फिलिस्तीन के कैदियों को छोड़ा जाएगा। 
चार दिन तक हमले रोके रखेगा इजरायल
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि समझौते में चार दिवसीय युद्ध विराम का आह्वान किया गया है। इस दौरान इजराइल गाजा में हमले रोक देगा, जबकि हमास बंधक बनाए गए इजराइल के लगभग 240 लोगों में से कम से कम 50 बंधकों को रिहा कर देगा। सबसे पहले बंधक महिलाओं और बच्चों को रिहा किया जाएगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।