“डस्टबिन में फेंक दी थी जर्सी”..युवराज सिंह का बड़ा खुलासा, बोले: यह पूरी तरह ‘स्वीकार्य’

भारत और इंग्लैंड के बीच ICC T20 World Cup 2007 का मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है, जब Yuvraj Singh ने Stuart Broad के एक ओवर में छह छक्के जड़कर दुनिया को चौंका दिया..

“डस्टबिन में फेंक दी थी जर्सी”..युवराज सिंह का बड़ा खुलासा, बोले: यह पूरी तरह ‘स्वीकार्य’
10-04-2026 - 11:52 AM

भारत और इंग्लैंड के बीच ICC T20 World Cup 2007 का मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है, जब Yuvraj Singh ने Stuart Broad के एक ओवर में छह छक्के जड़कर दुनिया को चौंका दिया था।

यह पल जहां युवराज को रातों-रात सुपरस्टार बना गया, वहीं ब्रॉड के लिए यह बेहद कठिन समय साबित हुआ। हालांकि, बाद में ब्रॉड ने वापसी करते हुए खुद को इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाजों में शामिल कर लिया।

जर्सी वाला किस्सा: गुस्से में डस्टबिन में फेंकी

हाल ही में Yuvraj Singh ने Michael Vaughan के साथ बातचीत में एक दिलचस्प घटना साझा की।

उन्होंने बताया कि ब्रॉड के पिता Chris Broad (जो उस समय मैच रेफरी थे) ने उनसे अपने बेटे के लिए एक साइन की हुई जर्सी मांगी।

युवराज ने जर्सी पर लिखा, "मुझे भी पांच छक्के पड़े हैं, मैं समझता हूं कैसा लगता है। उम्मीद है तुम आगे चलकर सर्वश्रेष्ठ बनोगे।" लेकिन, बाद में पता चला कि Stuart Broad ने गुस्से में उस जर्सी को डस्टबिन में फेंक दिया।

इस पर युवराज ने कहा, वह उस समय नये थे और टी20 में अनुभवहीन थे। उनका गुस्सा बिल्कुल जायज था, यह पूरी तरह स्वीकार्य है।”

ब्रॉड की शानदार वापसी

युवराज ने ब्रॉड की तारीफ करते हुए कहा कि..

  • उन्होंने उस घटना को अपनी ताकत बना लिया
  • 600 से ज्यादा टेस्ट विकेट लिये
  • इंग्लैंड के महान गेंदबाजों में शामिल हुए

उन्होंने कहा कि किसी और खिलाड़ी का करियर इस झटके के बाद खत्म भी हो सकता था, लेकिन ब्रॉड ने इसे अवसर में बदल दिया।

कैंसर से जंग: मुश्किल दौर का जिक्र

युवराज सिंह ने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर—कैंसर—के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जब उनका करियर अपने शिखर पर था, उसी समय उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

डॉक्टर Nitesh Rohatgi ने उन्हें बताया..

  • ट्यूमर दिल और फेफड़े के बीच स्थित है
  • अगर इलाज नहीं कराया तो 3–6 महीने ही बचे हैं
  • क्रिकेट खेलने से हार्ट अटैक का खतरा है

युवराज ने कहा, मैंने सोचा कि मुझे फैसला लेना होगा। पहले मैं सिर्फ खेलना चाहता था लेकिन बाद में समझ आया कि जिंदगी ज्यादा जरूरी है।”

युवराज सिंह का यह बयान न सिर्फ खेल भावना को दर्शाता है बल्कि यह भी बताता है कि बड़े खिलाड़ी मुश्किल पलों को कैसे समझते और स्वीकार करते हैं। वहीं, ब्रॉड की कहानी इस बात का उदाहरण है कि असफलता को ताकत में बदला जा सकता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।