सुधा मूर्ति को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया , PM मोदी ने खुद ट्वीट कर दी जानकारी

<p>प्रसिद्ध लेखिका और समाज सेविका सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए मनोनीत &nbsp;किया गया है। सुधा मूर्ति मशहूर बिजनेसमैन और इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति की पत्नी हैं। ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक उनके दामाद हैं। &nbsp;ये जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक्स पर दी है। उन्होने कहा मुझे खुशी हो रही है कि भारत के राष्ट्रपति ने सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है।</p>

सुधा मूर्ति को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया , PM मोदी ने खुद ट्वीट कर दी जानकारी
08-03-2024 - 05:29 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

उनकी उपस्थिति हमारी नारी शक्ति का एक शक्तिशाली प्रमाण : पीएम मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि मुझे खुशी है भारत के राष्ट्रपति ने सुधा मूर्ति  को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। सामाजिक कार्य, परोपकार और शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में सुधा जी का योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने कहा, 'राज्यसभा में उनकी उपस्थिति हमारी नारी शक्ति का एक शक्तिशाली प्रमाण है, जो हमारे देश की नियति को आकार देने में महिलाओं की ताकत और क्षमता का उदाहरण है। उनके सफल संसदीय कार्यकाल की कामना करता हूं।

क्या कहा सुधा मूर्ति ने 

राज्यसभा में नॉमिनेट होने के बाद सुधा मूर्ति ने कहा- मैं खुश हूं, लेकिन अब मुझे लग रहा है कि मुझ पर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पीएम मोदी ने पहले भी मेरे काम की तारीफ की है। मैं उन्हें धन्यवाद कहना चाहती हूं। मुझे खुशी है कि अब मुझे गरीबों की मदद करने के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म मिल रहा है।

मुझे नहीं लगता कि मैं अपने आपको पॉलिटिशियन मानती हूं। मैं नॉमिनेटेड राज्यसभा मेंबर हूं। मेरे दामाद की राजनीति उसके देश के लिए अलग है और मेरा काम अलग है।

सुधा मूर्ति का संक्षिप्त परिचय 

19 अगस्त 1950 को कर्नाटक के हावेरी में एक ब्राह्मण परिवार में जन्मी सुधा मूर्ति एक भारतीय शिक्षिका, लेखिका और इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व अध्यक्ष है। वह गेट्स फाउंडेशन की सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल पहल की सदस्य भी हैं। मूर्ति ने हॉवर्ड विश्वविद्यालय में मूर्ति क्लासिकल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया की स्थापना की है। 

पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित हो चुकी हैं मूर्ति
सुधा को कन्नड़ और अंग्रेजी साहित्य में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने विभिन्न शैलियों में 30 से अधिक किताबें लिखी हैं। उनकी किताबों का कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है। उनकी कुछ प्रसिद्ध किताबों में द मदर आई नेवर न्यू, थ्री थाउजेंड स्टिचेस, द मैन फ्रॉम द एग और मैजिक ऑफ द लॉस्ट टेम्पल शामिल हैं।

सुधा की कई किताबें उनके वास्तविक जीवन के अनुभवों पर आधारित हैं। सुधा लेखिका के अलावा एक टीचर और इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं। सुधा मूर्ति को सामाजिक कार्यों के लिए 2006 में पद्म श्री और 2023 में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

सुधा मूर्ति को उनके उपन्यास - 'डॉलर बहू' के लिए भी जाना जाता है - जो मूल रूप से उनके द्वारा कन्नड़ में लिखा गया था और बाद में अंग्रेजी में अनुवाद किया गया था। इस उपन्यास को 2001 में ज़ी टीवी द्वारा एक नाटकीय श्रृंखला में भी प्रसारित किया गया था। उन्होंने एक कहानी 'रूना' भी लिखी थी जिसे एक मराठी फिल्म के रूप में रूपांतरित किया गया था। 

सुधा मूर्ति की शादी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति से हुई है, जिनके दो बच्चे अक्षता और रोहन है।अक्षता मूर्ति की शादी ब्रिटेन के वर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से हुई है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।