नासा से दबा गलत बटन... टूटा वॉयजर-2 से संपर्क: करीब 20 अरब किलोमीटर दूर है यान

<p><em><strong>अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक गलती की वजह से वॉयजर-2 स्पेसक्राफ्ट से उसका संपर्क टूट गया है। यह स्पेसक्राफ्ट अभी धरती से 19.9 अरब किलोमीटर दूर है।&nbsp;</strong></em></p>

नासा से दबा गलत बटन... टूटा वॉयजर-2 से संपर्क: करीब 20 अरब किलोमीटर दूर है यान
02-08-2023 - 08:44 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी ने वाॅयजर-2 यान के बारे में एक बुरी खबर दी है। नासा के अनुसार पिछले हफ्ते नासा की दी गई एक कमांड से स्पेसक्राफ्ट का एंटीना 2 शिफ्ट हो गया। इससे वॉयजर-2 का नासा से संपर्क टूट गया है। संपर्क नहीं हो पाने से वॉयजर-2 अंतरिक्ष की जो जानकारी डीप स्पेस नेटवर्क तक भेजता था, वो अब नहीं मिल पा रही है। 
यान से पृथ्वी को 18 घंटे में मिलता है सिगनल
इस वक्त वॉयजर-2 की जो लोकेशन है, वहां तक पृथ्वी से एक सिग्नल पहुंचाने में 18 से ज्यादा घंटे लगते हैं। नासा ने बताया है कि वो अब ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में लगे अपने सबसे बड़े एंटीना से वॉयजर-2 की तलाश कर रहा है। वॉयजर-1 ने 2012 में हमारे सौर मंडल को छोड़ दिया था और इंटरस्टेलर स्पेस में पहुंच गया था। वहीं, वॉयजर-2 2018 में सौर मंडल पार कर इंटरस्टेलर स्पेस में पहुंच पाया था। 
अगले हफ्ते सही कमांड के साथ भेजेंगे सिगनल 
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अगले हफ्ते कैनबरा के स्टेशन से वॉयजर-2 तक सही कमांड के साथ सिग्नल भेजा जाएगा। अगर इससे बात नहीं बनी तो नासा को वॉयजर-2 से संपर्क करने के लिए उसके पूरे सिस्टम को ही रिसेट करना पड़ेगा।
वरना अक्टूबर में करना होगा रीसेट
यह प्रोसेस अक्टूबर में होगी। दरअसल, वॉयजर-2 के एंटीना को पृथ्वी की ओर रखने के लिए उसे साल में एक तय तारीख पर कई बार रिसेट किया जाता है। अगली तारीख 15 अक्टूबर है। फिलहाल वॉयजर-2 की तलाश के लिए नासा स्पेस से आने वाली आवाजों के सहारे है।
वॉयजर-2 को पहले और वॉयजर-1 को बाद में लॉन्च किया गया
वॉयजर-2 सोलर सिस्टम के बाहर अंतरिक्ष में दूसरे ग्रहों की खोज के लिए भेजा गया पहला एयरक्राफ्ट है। इसे 20 अगस्त, 1977 को लॉन्च किया गया था। इस स्पेसक्राफ्ट ने अब तक बृहस्पति, शनि, नेपच्यून और यूरेनस ग्रह की भी नजदीक से स्टडी की है। वॉयजर-1 को इसके बाद 5 सितंबर 1977 को लॉन्च किया गया था।
पृथ्वी से 24 अरब किलोमीटर दूर है वॉयजर-1
नासा ने वॉयजर-2 के बाद अंतरिक्ष में दूसरे ग्रहों की खोज के लिए वॉयजर-1 को लॉन्च किया था। ये अब भी नासा के संपर्क में है। ये फिलहाल पृथ्वी से 24 अरब किलोमीटर की दूरी पर है। यह दूरी इतनी है कि पृथ्वी और वॉयजर से एक मैसेज आने और उसे वापस वॉयजर को भेजने में 48 घंटे का समय लग जाता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।