ये तो कयामत की निशानी है... यूएई में मंदिर पर जल उठे पाकिस्तानी लड़कियों के कलेजे

<p>यूएई के अबू धाबी में इस बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य हिन्दू मंदिर का उद्घाटन किया है। मंदिर के उद्घाटन में भारत और यूएई के तमाम बड़े चेहरे शामिल हुए। इस मंदिर की ना सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर में चर्चा है। इसमें पाकिस्तान भी शामिल है।</p>

ये तो कयामत की निशानी है... यूएई में मंदिर पर जल उठे पाकिस्तानी लड़कियों के कलेजे
17-02-2024 - 09:52 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

यूएई के अबु धाबी में भव्य हिन्दू मंदिर का बनना और फिर भारतीय प्रधानमंत्री का इसका उद्घाटन करना कई पाकिस्तानियों को पसंद नहीं आया है। पाकिस्तान की लड़कियों ने मंदिर बनने पर प्रतिक्रिया देते हुए ये तक कह दिया कि ये भविष्य में कुछ बुरा होने की आहट है। पाकिस्तान की यूट्यूबर निमरा ने अपने चैनल निमरा अहमद ऑफिशियल के लिए वहां की लड़कियों से बात की है। उन्होंने जब अबूधाबी में नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम और मंदिर उद्घाटन के वीडियो दिखाए तो कई चैंकाने वाले रिएक्शन मिले। पाकिस्तान की लड़कियों ने अबू धाबी में बने मंदिर पर रिएक्शन देते हुए कहा है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था क्योंकि यूएई पूरी तरह से मुस्लिम आबादी वाला मुल्क है, ना कि हिन्दुओं का देश है।
निमरा से बात करते हुए एक पाकिस्तानी महिला ने कहा, हिन्दुओं के देश में मंदिर का बनना समझ में आता है तो लेकिन इस्लामिक मुल्क में तो ये ठीक नहीं है। जहां तक मैं जानती हूं इस तरह का वाकया होना कयामत की निशानी (इस्लामी आस्था के अनुसार दुनिया खत्म हो जाने का दिन) है। एक और लड़की ने यहां तक कह दिया कि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार धार्मिक पहचान रखती है। ऐसे में वह भारत में भी नए मंदिर बना रहे हैं और विदेशों में भी मंदिरों पर उनका ध्यान है। पाकिस्तान की एक छात्रा ने कहा कि भारत के बीते कुछ सालों में लगातार अरब देशों के साथ रिश्ते सुधरे हैं और ये उसी का एक नतीजा दिखता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत के पीएम विदेशों में जाकर तो मुसलमानों से खूब बातें करते हैं लेकिन उनके अपने देश में मुसलमानों की हालत खराब है।
अबू धाबी का मंदिर क्यों है खास
अबूधाबी के अबू मुरीखाह में स्थित ये मंदिर करीब 27 एकड़ क्षेत्र में किया गया है। यूएई में इस मंदिर का निर्माण बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था यानी बीएपीएस ने करवाया है। अबु धाबी के इस पहले हिंदू मंदिर में राजस्थान का पत्थर लगा है तो गंगा के पानी से कृत्रिम नदी भी बनाई गई है। इस विशाल मंदिर के लिए जमीन यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने दान में दी है। इसकी ऊंचाई 32.92 मीटर, लंबाई 79.86 मीटर और चैड़ाई 54.86 मीटर है।
सात शिखर, 96 घंटियां 
अबू धाबी के मंदिर के बाहरी हिस्से में 96 घंटियां लगाई गई हैं और मंदिर में सात शिखर हैं। इसकी दीवारों पर रामायण, शिव पुराण और भगवान जगन्नाथ की यात्रा को भी दर्शाया गया है। इस पूरे मंदिर को बनाने में करीब 700 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसके निर्माण में ज्यादातर पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर में स्थापित होने वाली मूर्ति बनाने के लिए ज्यादातर पत्थर भारत से ही भेजे गए हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।