युद्ध में अजीत की एंट्री: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने करवाया एनएसए डोभाल को फोन

<p><em><strong>यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के दफ्तर ने एनएसए अजीत डोभाल को फोन करके शांति फॉर्म्युले पर भारत से समर्थन मांगा है। रूस के साथ जंग के बीच शांति की पहल के सिलसिले में अगले महीने ग्लोबल पीस समिट होनी है। यूक्रेन चाहता है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हों।</strong></em></p>

युद्ध में अजीत की एंट्री: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने करवाया एनएसए डोभाल को फोन
17-06-2023 - 12:17 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अब उनके दफ्तर के प्रमुख एंड्री यरमक ने एनएसए अजीत डोभाल से फोन पर बातचीत की है। यूक्रेनी अधिकारी ने डोभाल से श्यूक्रेन शांति फॉर्म्युलेश् को लागू कराने में भारत से समर्थन मांगा। पिछले साल जेलेंस्की ने रूस के साथ जंग को खत्म करने के लिए 10 सूत्रीय शांति फॉर्म्युले का प्रस्ताव दिया था।
ज्यादा से ज्यादा देश हों शामिल
यरमक ने डोभाल से अगले महीने प्रस्तावित ‘ग्लोबल पीस समिट’ की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की। यूक्रेन चाहता है कि इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लें। यरमक ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को डोभाल से बातचीत की और ग्लोबल पीस समिट की तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने समिट में ग्लोबल साउथ से ज्यादा से ज्यादा देशों के शामिल होने की जरूरत पर जोर दिया।
भारत भी इसमें हिस्सा ले 
यूक्रेनी राष्ट्रपति के दफ्तर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है, ‘हाल की घटनाओं ने एक बार फिर साबित किया है कि यूक्रेन का शांति फॉर्म्युला बहुत प्रासंगिक है, यूक्रेन के साथ-साथ दुनिया के लिए भी जरूरी है। हम इस फॉर्म्युले को लागू करने के मकसद से ग्लोबल समिट की तैयारियों को लेकर सक्रिय रूप से अपने साझेदारों के साथ काम कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भारत भी इसमें हिस्सा ले।’
फोन पर भारत की चुप्पी
हालांकि, जेलेंस्की के दफ्तर से एनएसए डोभाल को आए फोन पर भारत की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है। सूत्रों के अनुसार यरमक के पीस फॉर्म्युले में कोई नई बात नहीं है। पहले भी एनएसए डोभाल के सामने इसे उठाया जा चुका है। यरमक पहले भी कुछ मौकों पर डोभाल से बातचीत कर चुके हैं। फरवरी में भी उन्होंने एनएसए से बातचीत कर यूक्रेनियन पीस प्लान पर भारत से समर्थन मांगा था। जनवरी में भी दोनों अफसरों की बातचीत हुई थी।
मोदी और जेलेंस्की ने की थी बात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जेलेंस्की ने करीब तीन हफ्ते पहले हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन के मौके पर बातचीत की थी, जिसके बाद यरमक और डोभाल के बीच फोन पर हालिया बातचीत हुई है। पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति को संदेश दिया था कि भारत यूक्रेन विवाद का समाधान निकालने के लिए हर मुमकिन प्रयास करेगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।