‘नेतन्याहू ने युद्ध को आसान बताया था’..अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जताई नाराज़गी, रिपोर्ट में दावा
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर JD Vance और Benjamin Netanyahu के बीच हुई एक फोन बातचीत में मतभेद सामने आए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस ने नेतन्याहू के युद्ध से जुड़े “अत्यधिक आशावादी” दावों पर सवाल..
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर JD Vance और Benjamin Netanyahu के बीच हुई एक फोन बातचीत में मतभेद सामने आए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस ने नेतन्याहू के युद्ध से जुड़े “अत्यधिक आशावादी” दावों पर सवाल उठाए।
‘युद्ध को आसान बताया गया था’
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, वेंस ने बातचीत के दौरान कहा कि नेतन्याहू द्वारा युद्ध से पहले किए गए कई अनुमान गलत साबित हुए हैं।
अमेरिकी और इजरायली सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि..
- नेतन्याहू ने अमेरिकी नेतृत्व को यह विश्वास दिलाया था कि
- युद्ध आसान होगा
- और ईरान में शासन परिवर्तन (Regime Change) की संभावना अधिक है
- लेकिन वास्तविक स्थिति इससे कहीं अधिक जटिल निकली
एक अमेरिकी स्रोत ने कहा, “युद्ध से पहले ‘बीबी’ (नेतन्याहू) ने इसे राष्ट्रपति के सामने आसान बताया था, जबकि हकीकत अलग रही। उपराष्ट्रपति इस बारे में स्पष्ट थे।” हालांकि, इस जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
व्हाइट हाउस का बयान
Karoline Leavitt ने इस बीच कहा कि वेंस पूरे समय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निर्णयों में शामिल रहे हैं।
उनके अनुसार, “उपराष्ट्रपति हर कदम पर राष्ट्रपति के साथ रहे हैं और इसके विपरीत कोई भी रिपोर्ट पूरी तरह गलत है।”
मध्य पूर्व में शांति प्रयासों की जिम्मेदारी
रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस को मध्य पूर्व संघर्ष खत्म करने के अमेरिकी प्रयासों की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- उन्होंने नेतन्याहू से कई बार फोन पर बात की
- खाड़ी देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की
- ईरान के नेताओं से अप्रत्यक्ष संपर्क में भी शामिल रहे
‘कुछ हफ्तों में खत्म हो सकता है युद्ध’
वहीं Marco Rubio ने युद्ध की समयसीमा को लेकर बड़ा बयान दिया है।
फ्रांस के Paris में G7 बैठक के बाद उन्होंने कहा..
- अमेरिका सैन्य अभियान में “समय से आगे” चल रहा है
- युद्ध को “महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में खत्म” किया जा सकता है
उन्होंने यह भी कहा कि..
- बिना जमीनी सैनिक भेजे भी अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल कर सकता है
- लेकिन जरूरत पड़ने पर विकल्प खुले रखने के लिए पैराट्रूपर्स तैनात किए जा रहे हैं
निष्कर्ष
इस रिपोर्ट से साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीतिक स्तर पर मतभेद उभर रहे हैं। JD Vance का यह रुख बताता है कि युद्ध को लेकर शुरुआती आकलन अब सवालों के घेरे में हैं, जबकि Benjamin Netanyahu की रणनीति पर भी दबाव बढ़ सकता है।
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