‘राहुल गांधी एक महीने में H-बम, प्लूटोनियम बम गिराएँगे’: सीडब्ल्यूसी ने ‘वोट चोरी’ को उजागर किया, बिहार पर बरसी कांग्रेस
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को पटना में हुई विस्तारित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में सत्तारूढ़ NDA पर तीखे हमले किए और व्यापक चुनावी अनियमितताओं तथा संस्थागत विघटन का आरोप..
नयी दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को पटना में हुई विस्तारित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में सत्तारूढ़ NDA पर तीखे हमले किए और व्यापक चुनावी अनियमितताओं तथा संस्थागत विघटन का आरोप लगाया।
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “राहुल जी ने कहा है कि अगले एक महीने में मिनी-हाइड्रोजन बॉम्ब, हाइड्रोजन बॉम्ब, प्लूटोनियम बॉम्ब और अन्य बम अलग-अलग जगहों पर गिराए जाएंगे। महादेवपुरा तो बस शुरुआत थी।”
पटना में INDIA ब्लॉक के ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प’ संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैंने हाइड्रोजन बम के बारे में कहा है; वह आने वाला है... ‘वोट चोरी’ के हाइड्रोजन बम के आने के बाद, बीजेपी की सच्चाई पूरे देश के सामने साफ़ हो जाएगी: उन्होंने देश में क्या किया और बिहार में क्या करने की कोशिश की।”
बैठक में मौजूद कन्हैया कुमार ने कहा, “हालाँकि कई विषयों पर चर्चा हुई, पर बैठक का मुख्य फोकस ‘वोट चोरी’ और बिहार था… आज़ादी की लड़ाई से लेकर बिहार में पहली बार सरकार बनने तक, हमने राज्य में औद्योगिकीकरण लाने का काम किया।”
पार्टी के प्रस्ताव-पत्र में कहा गया कि आने वाले बिहार चुनाव लोगों के लिए NDA की “दुरशासन” से छुटकारा पाने का निर्णायक मौका होंगे। जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस के प्रस्ताव में कई मुद्दे शामिल थे, जिनमें ‘वोट चोरी अभियान’ को केंद्रीय स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा कर्नाटक के महादेवपुरा और आलंद में की गई खुलासे “बस शुरुआत” हैं और आगे और खुलासे होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि 15 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच कांग्रेस वोट चोरी के खिलाफ़ 5 करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठे करेगी और इसे निर्वाचन आयोग के पास सौंपा जाएगा। निर्वाचन आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए रमेश ने कहा, “निर्वाचन आयोग हमारे सवालों का जवाब नहीं दे रहा और नरेंद्र मोदी व अमित शाह का कठपुतली बन गया है।”
CWC का संकल्प: वोट चोरी, लोकतंत्र और बिहार चुनाव
कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने अपने आधिकारिक संकल्प में कथित BJP-RSS के लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमले की निंदा की और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग, जांच एजेंसियाँ और संसद सत्तारूढ़ दल के औजार बन गए हैं। संकल्प में कहा गया कि सरकार केवल अपने “सहकर्मियों/सिंडीकेट” के पक्ष में नीतियाँ चला रही है और किसानों, मज़दूरों और मध्यम वर्ग को अनदेखा कर रही है।
संकल्प में वोट चोरी को सरकार की कार्यप्रणाली का केन्द्रीय हिस्सा बताया गया और कहा गया, “एक ऐसा सरकार जो चोरी किए गए जनादेश और रिग किए गए मतदाता सूचियों पर बनी हो, उसकी कोई नैतिक या राजनीतिक वैधता नहीं है। यह जनता के विश्वास पर नहीं बल्कि धोखे पर आधारित है।”
संकल्प में आगे कहा गया, “वोट चोरी संविधान, अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमलों से अलग नहीं है। यही एक ऐसा धागा है जो इस शासन की गैर-कानूनीता और उसके कामों को बेनकाब करता है।”
CWC ने बिहार में मतदाता सूची के “विशेष गहन संशोधन” पर गहरी चिन्ता व्यक्त की और इसे गरीबों, मज़दूरों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के मताधिकार छीनने के लिए BJP की एक चाल बताया। चेतावनी दी गई कि एक बार उनके वोट छीन लिए गए तो उन्हें राशन, आवास, पानी, पेंशन, स्वास्थ्य और गरिमा से भी वंचित किया जा सकता है।
संकल्प ने राहुल गांधी के “वोटर अधिकार यात्रा” की प्रशंसा करते हुए इसे उन लोगों के लिए प्रतिबद्धता बताया जो “बीमारी, शोषण, उत्पीड़न और हाशिए पर रखे गये” हैं।
अपनी स्थिति दोहराते हुए CWC ने घोषित किया, “हम संविधान को कमजोर करने के किसी भी प्रयास के ख़िलाफ़ दृढ़ खड़े होंगे। हम गणतंत्र की पुनःप्राप्ति करेंगे, संविधान को बहाल करेंगे और सभी के लिए न्याय, गरिमा और समानता सुनिश्चित करेंगे। इस भ्रष्ट, अक्षमतापूर्ण और अधिनायकवादी सरकार के दिन गिने हुए हैं। बिहार चुनाव इसकी नियति तय कर देंगे।”
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