पार्ले, मोंडेलेज ने घटाए दाम; ₹4.45 और 88 पैसे की पेमेंट बनी नयी मुश्किल
जीएसटी (GST) की नई दरें लागू होने के बाद तेज़ी से चलने वाले उपभोक्ता सामान (FMCG) कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम घटाए हैं। लेकिन, दिक़्क़त यह है कि अब ग्राहकों को पैकेट ₹2, ₹5 और ₹10 जैसे “जादुई प्राइस प्वाइंट्स” पर नहीं, बल्कि ₹4.45 या ₹1.75 जैसे गैर-मानक भावों में मिल रहे..
नयी दिल्ली। जीएसटी (GST) की नई दरें लागू होने के बाद तेज़ी से चलने वाले उपभोक्ता सामान (FMCG) कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम घटाए हैं। लेकिन दिक़्क़त यह है कि अब ग्राहकों को पैकेट ₹2, ₹5 और ₹10 जैसे “जादुई प्राइस प्वाइंट्स” पर नहीं, बल्कि ₹4.45 या ₹1.75 जैसे गैर-मानक भावों में मिल रहे हैं। कंपनियाँ मान रही हैं कि यह स्थिति अस्थायी है और दो महीनों में फिर से पुराने प्राइस प्वाइंट्स पर वापसी होगी।
पहले जहाँ ₹5 का पार्ले-जी पैक मिलता था, वह अब ₹4.5 या ₹4.45 में बिक रहा है। इसी तरह, ₹2 वाला शैम्पू पाउच अब ₹1.75 में मिल रहा है।
कंपनियों के पास समय की कमी के कारण पैक का वजन बढ़ाने या नए रैपर छापने का विकल्प नहीं था। ऐसे में उन्होंने सरकार के निर्देश के मुताबिक टैक्स कटौती का लाभ तुरंत उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के लिए “नॉन-स्टैंडर्ड” दाम तय किए।
उद्योग जगत की राय
पार्ले प्रोडक्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट मयंक शाह ने कहा, “यह पूरी तरह अस्थायी स्थिति है। किसी भी बदलाव के लिए आमतौर पर कंपनियों को डेढ़-दो महीने का समय चाहिए होता है। अभी अक्टूबर और नवंबर के लिए रैपर छप चुके हैं, ऐसे में कीमत को स्थिर रखना संभव नहीं था। इसलिए हमने तुरंत रेट कम करके ग्राहकों को फायदा दिया है।”
उन्होंने माना कि ग्राहकों को ₹4.45 जैसे दामों पर भुगतान में कठिनाई हो सकती है, लेकिन उपभोक्ता इसके लिए पैकेट को मल्टीपल में ले सकते हैं या फिर UPI से भुगतान कर सकते हैं।
नुवामा इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज के अभनीश रॉय ने कहा, “ये सब अल्पकालिक उपाय हैं। आखिरकार कंपनियाँ वॉल्यूम बढ़ाकर फिर से ₹2, ₹5 और ₹10 के सिक्कों पर लौटेंगी। ₹4.5 या ₹4.6 जैसे दाम व्यावहारिक नहीं हैं। आने वाले समय में कंपनियाँ अतिरिक्त ग्रामेज देकर पुराने जादुई प्राइस प्वाइंट्स पर वापस आएंगी।”
GST सुधार का असर
22 सितंबर से लागू नई जीएसटी दरों में 5% और 18% के दो स्लैब रखे गए हैं। पहले की चार-रेट ड्यूटी व्यवस्था को खत्म कर खपत बढ़ाने के लिए यह सुधार किया गया। इसके चलते खाद्य पदार्थों, टॉयलेटरीज़, कॉस्मेटिक्स से लेकर टीवी और एसी जैसे व्हाइट गुड्स तक के दाम घटे हैं।
डाबर का कदम
डाबर के सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा, “हम मानते हैं कि सस्ती कीमतें कभी भी गुणवत्ता की कीमत पर नहीं आनी चाहिए। इसलिए हमने अपने पोर्टफोलियो में जीएसटी कटौती के अनुरूप दामों में बदलाव किया है। ताकि हर उपभोक्ता, चाहे उसका बजट कुछ भी हो, टैक्स कट का लाभ उठा सके।”
कुल मिलाकर, FMCG कंपनियाँ मानती हैं कि उपभोक्ताओं को थोड़े समय के लिए अजीबोगरीब दामों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन दो महीने में बाजार फिर से ₹2, ₹5 और ₹10 जैसे “जादुई दामों” पर लौट आएगा।
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प्रोडक्ट/पैक |
पुराना दाम |
नया दाम (GST कटौती के बाद) |
स्थिति |
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पार्ले-जी बिस्कुट (छोटा पैक) |
₹5 |
₹4.45 – ₹4.50 |
अस्थायी दाम, आगे ग्रामेज बढ़ाकर फिर ₹5 पर लौटेगा |
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शैम्पू पाउच |
₹2 |
₹1.75 |
अस्थायी दाम, बाद में ₹2 पर वापस आने की संभावना |
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अन्य ₹10 वाले पैक (कैंडी/मसाले/टॉयलेटरी) |
₹10 |
₹8.8 – ₹9 |
अस्थायी दाम, आगे बढ़े हुए वजन/मात्रा के साथ ₹10 पर वापसी |
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