क्या थरूर हो सकते हैं कांग्रेस अध्यक्ष...? माहौल तो बन रहा है
लहराते हुए बाल, गले में लटकता मोबाइल और दो हिस्से में खुलने वाला चश्मा...शशि थरूर का अपना अलग ही अंदाज है। लोग 66 साल की उम्र में उनकी फिटनेस देख पर गच्चा खा जाते हैं। वह ऐसी अंग्रेजी लिखते हैं कि लोगों को डिक्शनरी देखनी पड़ जाती है। लेखक, राजनेता और पूर्व इंटरनेशनल डिप्लोमेट थरूर तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं। वे 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव भी लड़ चुके हैं। अब वह एक और चुनाव लडऩे का मन बना रहे हैं। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लडऩे की संभावनाएं तलाश रहे हैं। वैसे, अभी उन्होंने अंतिम फैसला नहीं किया है। जब से यह खबर आई है राहुल गांधी बनाम शशि थरूर की बातें होने लगी हैं। दरअसल, कांग्रेस के भीतर कई नेता राहुल को ही अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं। लेकिन, विकल्प सामने दिख रहा है तो थरूर की चर्चा तो बनती है।
ऐसे समय में जब पूर्व कांग्रेसी गुलाम नबी आजाद जैसे दिग्गज नेता कांग्रेसी राहुल गांधी की सियासी समझ पर सवाल उठा रहे हैं, शशि थरूर का विकल्प सामने आने से उनके कद की चर्चा होना लाजिमी है। थरूर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार सक्रिय रहते हैं। 2013 तक वह भारत के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता थे, बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे हो गए। यूपीए सरकार में उन्होंने मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री और विदेश राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। वे भारत के इतिहास, संस्कृति, फिल्म, राजनीति, समाज, विदेश नीति पर 23 किताबें लिख चुके हैं और संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव होते हुए दुनिया के कई देशों में काम का अनुभव उन्हें विशेष बनाता है। थरूर की स्पीच आमतौर पर अंग्रेजी में होती है और उसे दुनियाभर में बसे भारतीय सुनते हैं। ऐसी ही एक स्पीच उन्होंने कुछ साल पहले दी थी, जिसका आज भी हवाला दिया जाता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में थरूर ने भरी सभा में ब्रिटेन से अपने पूर्व उपनिवेशों को मुआवजा देने को कहा था। करीब 15 मिनट के भाषण में थरूर ने भारत के उस नैतिक कर्ज की बात कही थी जिसे ब्रिटेन को चुकाना चाहिए। इसे भारतीयों ने खूब पसंद किया था और थरूर की छवि खुलकर बोलने वाले तेज-तर्रार नेता की बनी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने अमेरिका को भी सुना दिया था। सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के सवाल पर उन्होंने कहा कि अमेरिका महाशक्ति है और वह भारत को भी उसी स्थान पर नहीं देखना चाहता है। थरूर ने कहा कि कुछ देश भारत से जलते हैं और वे ऐसा नहीं होने देना चाहते। उस समय थरूर ने कहा था कि भारत को सुपर पावर की जगह सॉफ्ट पावर बनना चाहिए। जब शशि थरूर के कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लडऩे की बातें हो रही हैं तो उनका वह बयान भी काफी महत्वपूर्ण हो जाता है जो उन्होंने 2019 के आम चुनावों में कांग्रेस को करारी हार मिलने पर दिया था। तब राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस हार की जिम्मेदारी राहुल गांधी को लेनी चाहिए। थरूर ने कहा था कि
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