‘मैं गांधीवादी हूं, राहुलियन नहीं’: मणि शंकर अय्यर के तीखे हमलों से कांग्रेस में खुली अंदरूनी कलह

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Mani Shankar Aiyar के बयानों ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया है। केरल विधानसभा चुनावों से पहले वाम सरकार और मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan की तारीफ करने पर कांग्रेस द्वारा खुद को अय्यर के बयान से अलग करने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर तीखे और व्यक्तिगत..

‘मैं गांधीवादी हूं, राहुलियन नहीं’: मणि शंकर अय्यर के तीखे हमलों से कांग्रेस में खुली अंदरूनी कलह
17-02-2026 - 11:38 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Mani Shankar Aiyar के बयानों ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया है। केरल विधानसभा चुनावों से पहले वाम सरकार और मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan की तारीफ करने पर कांग्रेस द्वारा खुद को अय्यर के बयान से अलग करने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर तीखे और व्यक्तिगत हमले किए।

मणि शंकर अय्यर ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तंज कसते हुए कहा, मैं गांधीवादी हूं, नेहरूवादी हूं, राजीववादी हूं, लेकिन मैं राहुलियन नहीं हूं।”

अय्यर ने B. R. Ambedkar की जीवनी ‘A Part Apart’ का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी यह भूल गई है कि वह अभी भी कांग्रेस के सदस्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस नेता Pawan Khera उन्हें पार्टी से निकालते हैं, तो वह “खुशी-खुशी बाहर चले जाएंगे।”

पवन खेड़ा पर सीधा हमला

अय्यर ने पवन खेड़ा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें उनके प्रति “कोई सम्मान नहीं, बल्कि पूर्ण तिरस्कार” है। उन्होंने खेड़ा को “कठपुतली” और “तोता” करार देते हुए आरोप लगाया कि वह केवल पार्टी सांसद Jairam Ramesh की बातें दोहराते हैं। अय्यर ने कहा, कांग्रेस में लाखों लोग हैं जो बेहतर प्रवक्ता हो सकते हैं लेकिन पार्टी ने पवन खेड़ा को चुना।

उन्होंने कांग्रेस महासचिव K C Venugopal पर भी निशाना साधा और कहा कि जिस पार्टी में “ऐसे लोगों को शीर्ष नेतृत्व के समकक्ष खड़ा किया जाए,” उसकी स्थिति पर सवाल उठते हैं।

केरल में वाम सरकार की तारीफ से विवाद

यह पूरा विवाद रविवार को तब भड़का, जब मणि शंकर अय्यर ने एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पिनराई विजयन सरकार की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) फिर सत्ता में लौटेगा। उन्होंने विजयन से यहां तक कहा कि “कांग्रेस ने जो जिम्मेदारी छोड़ी है, वह उसे संभालें।”

अय्यर के इन बयानों से कांग्रेस नेतृत्व नाराज हो गया। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर कहा कि मणि शंकर अय्यर का कांग्रेस से पिछले कुछ वर्षों से कोई संबंध नहीं है और वह जो भी कहते हैं, वह उनकी निजी राय है।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने भी अय्यर के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की सत्ता में वापसी तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और Bharatiya Janata Party (BJP) “गुप्त साझेदार” हैं।

कुल मिलाकर, मणि शंकर अय्यर के बयानों ने कांग्रेस के भीतर नेतृत्व, अनुशासन और विचारधारा को लेकर चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक मंच पर ला दिया है, जिससे पार्टी की एकजुटता पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।