जैसलमेर में 250 साल पुरानी जैन ट्रस्ट की ऐतिहासिक इमारत ढही, अवैध बेसमेंट खुदाई पर उठे सवाल; बड़ा हादसा टला

राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब जैन ट्रस्ट की करीब 250 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। बताया जा रहा है कि पास में कथित रूप से बिना अनुमति कराई जा रही बेसमेंट की खुदाई के कारण इमारत की नींव कमजोर..

जैसलमेर में 250 साल पुरानी जैन ट्रस्ट की ऐतिहासिक इमारत ढही, अवैध बेसमेंट खुदाई पर उठे सवाल; बड़ा हादसा टला
17-06-2026 - 10:02 AM

जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब जैन ट्रस्ट की करीब 250 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। बताया जा रहा है कि पास में कथित रूप से बिना अनुमति कराई जा रही बेसमेंट की खुदाई के कारण इमारत की नींव कमजोर हो गई, जिससे यह हादसा हुआ।

हादसे के समय बेसमेंट निर्माण स्थल पर 10 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे, लेकिन मिट्टी और चूने के मलबे के गिरने के शुरुआती संकेत मिलते ही सभी मजदूर समय रहते बाहर निकल गए। इससे एक बड़ी जनहानि टल गई।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रशासन

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और आसपास रहने वाले दो परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए।

पटवों की हवेली के पीछे स्थित थी ऐतिहासिक उपाश्रय

स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने बताया कि ढही हुई इमारत प्रसिद्ध पटवों की हवेली के पीछे स्थित जैन ट्रस्ट का ऐतिहासिक उपाश्रय (जैन साधु-साध्वियों के ठहरने का धार्मिक स्थल) था।

यह भवन पिछले कुछ समय से एक स्थानीय व्यापारी को गोदाम के रूप में किराए पर दिया गया था।

उन्होंने बताया कि इसके ठीक बगल में मुंबई के एक व्यवसायी द्वारा बेसमेंट का निर्माण कराया जा रहा था, जिसके लिए करीब 15 फीट गहरी खुदाई की जा चुकी थी। इसी खुदाई के कारण पुरानी इमारत की नींव कमजोर हो गई और वह अचानक ढह गई।

मजदूरों ने समय रहते बचाई अपनी जान

दीपक कुमार के अनुसार, निर्माण स्थल पर करीब 10 मजदूर कार्यरत थे। जैसे ही उन्हें जमीन खिसकने और मलबा गिरने के संकेत मिले, वे तुरंत वहां से भाग निकले। कुछ ही क्षण बाद पूरी इमारत धराशायी हो गई।

300 मीटर दायरे में चल रहा था निर्माण कार्य

जैसलमेर नगर परिषद के आयुक्त लाजपाल सिंह सोढ़ा ने बताया कि राखेचा पाड़ा क्षेत्र स्थित जैन ट्रस्ट की यह इमारत काफी पुरानी और जर्जर अवस्था में थी।

उन्होंने बताया कि इसके पड़ोस में जैसलमेर किले से 300 मीटर के दायरे में भूमिगत निर्माण कार्य किया जा रहा था।

सोढ़ा के अनुसार, नगर परिषद और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) दोनों ने पहले ही निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस जारी किए थे, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से काम जारी रखा गया।

उन्होंने कहा, "बेसमेंट की खुदाई से जैन ट्रस्ट भवन की नींव कमजोर हो गई, जिसके कारण मंगलवार को यह इमारत ढह गई। हमारी टीम और कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। अब जैन ट्रस्ट को शेष असुरक्षित हिस्से को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया है।"

अवैध निर्माण करने वालों पर होगी कार्रवाई

लाजपाल सिंह सोढ़ा ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर रहा है।

आसपास के परिवारों को कराया गया सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट

कोतवाली थाना प्रभारी सूरजराम जाखड़ ने बताया कि जन सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने आसपास रहने वाले नमन भाटिया और मांगीलाल जैन सहित अन्य परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

प्रभावित गली में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

निर्माण स्थल और उसके आसपास के प्रभावित क्षेत्र को भी पूरी तरह सील कर दिया गया है तथा प्रशासन की निगरानी में मलबा हटाने का कार्य जारी है।

जैन साधु-साध्वियों के ठहरने का प्रमुख केंद्र था उपाश्रय

पड़ोसी हर्ष जैन ने बताया कि यह भवन कभी जैन साधु-साध्वियों के चातुर्मास और अन्य धार्मिक प्रवास के दौरान उपाश्रय के रूप में उपयोग किया जाता था।

यहां श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक प्रवचन और आध्यात्मिक शिक्षा का आयोजन होता था।

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में भवन की जर्जर स्थिति और चूने व पत्थरों के लगातार गिरने के कारण इसे गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा था।

कोई जनहानि नहीं, लेकिन विरासत संरक्षण पर उठे गंभीर सवाल

इस हादसे में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने जैसलमेर के ऐतिहासिक धरोहर क्षेत्र के आसपास हो रहे कथित अवैध निर्माण कार्यों और विरासत संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।