अमेरिका-पाकिस्तान की ‘सच्ची दोस्ती’ वाली टिप्पणी पर भारत का पलटवार.. कहा, पहले आतंकवाद का त्याग करे पाकिस्तान
भारत ने मंगलवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की उस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तान के बीच उभरते संबंधों को "सच्ची दोस्ती" बताया था। भारत ने कहा कि मित्र देशों को पाकिस्तान पर यह दबाव बनाना चाहिए कि वह सीमा पार आतंकवाद को स्थायी रूप से और विश्वसनीय तरीके से..
भारत ने मंगलवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की उस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तान के बीच उभरते संबंधों को "सच्ची दोस्ती" बताया था। भारत ने कहा कि मित्र देशों को पाकिस्तान पर यह दबाव बनाना चाहिए कि वह सीमा पार आतंकवाद को स्थायी रूप से और विश्वसनीय तरीके से त्याग दे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हेगसेथ की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
"हमें उम्मीद है कि हमारे मित्र और साझेदार देश पाकिस्तान को यह समझाएंगे कि वह विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय तरीके से सीमा पार आतंकवाद का त्याग करे।"
यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हाल ही में पीट हेगसेथ ने शांगरी-ला डायलॉग के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की प्रशंसा की थी।
हेगसेथ ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों को "एक अप्रत्याशित विकास और सच्ची दोस्ती" बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के नेतृत्व ने ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों में सहयोग किया है।
इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी दोहराया कि उन्होंने पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान शांति स्थापित कराने में भूमिका निभाई थी। हालांकि, भारत इस दावे को कई बार खारिज कर चुका है।
भारत की प्रतिक्रिया यह स्पष्ट करती है कि वह पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को बेहतर बनाने के प्रयासों को लेकर अब भी असहज है, खासकर तब जब आतंकवाद से जुड़े उसके रिकॉर्ड पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है।
नयी दिल्ली लगातार यह कहता रहा है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों में सबसे बड़ा और मूल मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना है। भारत का मानना है कि दोनों देशों के बीच किसी भी सार्थक संवाद या संबंध सुधार की शुरुआत तभी हो सकती है, जब पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ ठोस, सत्यापित और प्रभावी कार्रवाई करे।
हालांकि, पाकिस्तान की प्रशंसा करने के साथ-साथ हेगसेथ ने भारत को "हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ" भी बताया। उन्होंने यह भी दोहराया कि वाशिंगटन, नई दिल्ली के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने और रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रमुख बिंदु
|
विषय |
विवरण |
|
अमेरिकी टिप्पणी |
पीट हेगसेथ ने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को "सच्ची दोस्ती" बताया |
|
भारत की प्रतिक्रिया |
पाकिस्तान को पहले सीमा पार आतंकवाद छोड़ने की सलाह देने की बात कही |
|
भारत की चिंता |
आतंकवाद पर कार्रवाई के बिना पाकिस्तान की वैश्विक छवि सुधारने के प्रयास |
|
ट्रंप का दावा |
भारत-पाक तनाव में मध्यस्थता का दावा, जिसे भारत ने खारिज किया |
|
भारत पर अमेरिकी रुख |
भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता का महत्वपूर्ण आधार बताया |
|
रक्षा सहयोग |
अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा साझेदारी और हथियार सह-उत्पादन की प्रतिबद्धता दोहराई |
What's Your Reaction?