यमन स्थित हूती विद्रोहियों को सबसे बड़ा झटका, प्रधानमंत्री.. रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख एक ही हमले में मारे गए: इज़राइल का दावा
इज़राइल ने यमन की राजधानी सना पर हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा हवाई हमला किया है। इस हमले में हूती संगठन की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा है। इज़रायली टीवी चैनल KAN ने यमनी मीडिया के हवाले से बताया कि हूती प्रधानमंत्री ग़ालिब अल-रहवी और संगठन के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी इस हमले में मारे..
नयी दिल्ली। इज़राइल ने यमन की राजधानी सना पर हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा हवाई हमला किया है। इस हमले में हूती संगठन की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा है। इज़रायली टीवी चैनल KAN ने यमनी मीडिया के हवाले से बताया कि हूती प्रधानमंत्री ग़ालिब अल-रहवी और संगठन के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी इस हमले में मारे गए।
इज़रायली मीडिया ने इसे यमन के हूतियों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया है। यह हमला उस समय किया गया जब शीर्ष नेता हूती प्रमुख अब्दुल मलिक अल-हूती का राष्ट्रव्यापी प्रसारित भाषण देख रहे थे। इस हमले की जानकारी सबसे पहले हूती संगठन के टीवी चैनल अल-मसीराह ने दी। इसके बाद इज़राइल के रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज़ और आईडीएफ (इज़रायली डिफेंस फोर्स) ने हमले की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने लक्ष्यों के बारे में खुलासा नहीं किया।
अपार्टमेंट के अंदर किया गया निशाना
यमन के अल-जुम्हूरिया चैनल ने रिपोर्ट दी कि हूती प्रधानमंत्री अल-रहवी अपने कई सहयोगियों के साथ एक अपार्टमेंट में मौजूद थे, तभी उन्हें निशाना बनाया गया। इज़रायल के चैनल 12 ने बताया कि इस हमले में हूती रक्षा मंत्री मोहम्मद नासिर अल-अतीफ़ी और चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद अब्दुल करीम अल-ग़मरी के भी मारे जाने की आशंका है।
आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि, अभी तक इन तीनों हूती नेताओं की मौत को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। इज़रायली मीडिया ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी वास्तविक स्थिति अभी अज्ञात है। सऊदी अख़बार अल-हदथ ने दावा किया कि इज़रायली वायुसेना ने यमनी राजधानी सना में उन मकानों को निशाना बनाया जहां हूती संगठन के वरिष्ठ अधिकारी छिपे हुए थे।
भाषण सुनने के लिए जुटे थे हूती नेता
इज़रायली मीडिया ने अज्ञात सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि इज़रायली खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि रक्षा मंत्री समेत 10 हूती मंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी अब्दुल मलिक अल-हूती का भाषण सुनने सना के बाहर एकत्रित हो रहे थे। इसके बाद इज़रायली वायुसेना ने इस बैठक को निशाना बनाते हुए हमला किया। ग़ालिब अल-रहवी पिछले एक साल से हूती-नियंत्रित यमन के प्रधानमंत्री थे, हालांकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं थी।
मुख्य बिंदु (Highlights):
- इज़राइल ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों पर बड़ा हवाई हमला किया।
- इज़रायली टीवी KAN के अनुसार, हूती पीएम ग़ालिब अल-रहवी और कई सैन्य अधिकारी इस हमले में मारे गए।
- इस हमले की पहली जानकारी हूती संगठन द्वारा संचालित अल-मसीराह टीवी ने दी।
- अल-जुम्हूरिया चैनल के अनुसार, अल-रहवी को एक अपार्टमेंट में उनके सहयोगियों के साथ निशाना बनाया गया।
- इज़रायली खुफिया एजेंसियों को पता चला था कि रक्षा मंत्री समेत 10 हूती मंत्री और अन्य अधिकारी अब्दुल मलिक अल-हूती का भाषण सुनने के लिए जुटे थे, जिसके बाद हमला किया गया।
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