International Maritime Organization प्रमुख की चेतावनी, कोई देश होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजरानी नहीं रोक सकता
संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी International Maritime Organization (IMO) के प्रमुख Arsenio Dominguez ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत Strait of Hormuz में जहाजरानी (shipping) को रोकने का अधिकार नहीं..
लंदन। संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी International Maritime Organization (IMO) के प्रमुख Arsenio Dominguez ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत Strait of Hormuz में जहाजरानी (shipping) को रोकने का अधिकार नहीं रखता।
यह अहम व्यापारिक मार्ग United States और Iran के बीच युद्ध के कारण पिछले छह हफ्तों से बाधित है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला
डोमिंगेज़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य में ‘निर्दोष मार्ग’ (innocent passage) या नौवहन की स्वतंत्रता को रोक नहीं सकता, खासकर जब वह वैश्विक ट्रांजिट के लिए उपयोग होता हो।”
हालात क्यों बिगड़े?
28 फरवरी को Iran पर United States और Israel के हमलों के बाद युद्ध शुरू हुआ, जिसके बाद से ईरानी बल इस जलडमरूमध्य में आवागमन को नियंत्रित कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान कुछ चुनिंदा जहाजों को अपनी तटरेखा के पास से गुजरने की अनुमति दे रहा है और कुछ मामलों में उनसे शुल्क (toll) भी वसूल रहा है।
टोल वसूली भी गैरकानूनी
IMO प्रमुख ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य में जहाजों से शुल्क लेना भी समुद्री कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “इस तरह का कदम खतरनाक मिसाल कायम करेगा।”
अमेरिका की नाकाबंदी की धमकी
इस बीच United States ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की धमकी दी है लेकिन डोमिंगेज़ ने कहा कि इससे हालात और जटिल होंगे। उन्होंने कहा, “तनाव कम करना (de-escalation) ही इस संकट का समाधान है, ताकि जहाजरानी सामान्य हो सके।”
प्रभाव सीमित रहने का अनुमान
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी का अतिरिक्त असर सीमित ही रहेगा, क्योंकि पहले से ही बहुत कम जहाज इस मार्ग से गुजर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो थोड़े बहुत जहाज गुजर रहे हैं, उनके संदर्भ में अतिरिक्त नाकाबंदी से स्थिति में बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा।”
कुल मिलाकर, IMO ने साफ कर दिया है कि वैश्विक व्यापार के इस अहम मार्ग को बंद करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इससे वैश्विक स्तर पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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