बिहार वोटर लिस्ट समीक्षा: 'गायब' मतदाताओं की संख्या 41.64 लाख पहुंची, 11,000 अब तक अज्ञात
बिहार में चल रही मतदाता सूची की विशेष सघन पुनरीक्षण प्रक्रिया (Special Intensive Revision - SIR) के तहत 41.64 लाख मतदाता अब तक 'लापता' माने गए हैं, जबकि शनिवार तक 32.23 लाख फॉर्म..
पटना। बिहार में चल रही मतदाता सूची की विशेष सघन पुनरीक्षण प्रक्रिया (Special Intensive Revision - SIR) के तहत 41.64 लाख मतदाता अब तक 'लापता' माने गए हैं, जबकि शनिवार तक 32.23 लाख फॉर्म अभी एकत्र किए जाने बाकी हैं।
चुनाव आयोग (ECI) ने कहा है कि 25 जुलाई की डेडलाइन से पहले बाकी बचे इन मतदाताओं को भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल करने के प्रयास जारी हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची 1 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी।
तीन राउंड की डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन
बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने अब तक तीन दौर में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया है। आयोग के अनुसार, बचे हुए मतदाताओं से संपर्क के लिए एक और दौर की कोशिश शुरू कर दी गई है।
गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि यदि किसी का नाम गलती से जोड़ा गया हो, छुट गया हो या ड्राफ्ट सूची में कोई त्रुटि हो, तो उसे 30 अगस्त तक सुधार किया जा सकता है। इसके लिए कोई भी मतदाता, राजनीतिक दल या उनके द्वारा नियुक्त BLA (Booth Level Agent) आपत्ति या दावा दर्ज कर सकता है।
अज्ञात मतदाता: 11,000 का कोई पता नहीं
चुनाव आयोग के अनुसार, अब तक की सूची में 11,000 मतदाताओं का कोई पता नहीं चल पाया है, जबकि शुक्रवार तक यह संख्या लगभग 7,000 थी।
अन्य श्रेणियों में आंकड़े इस प्रकार हैं..
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श्रेणी |
संख्या (शनिवार तक) |
शुक्रवार तक |
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संभवतः मृत मतदाता |
14.29 लाख |
12.71 लाख |
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स्थायी रूप से स्थानांतरित |
19.74 लाख |
18.16 लाख |
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दो या अधिक स्थानों पर नाम दर्ज |
7.50 लाख |
5.92 लाख |
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पता नहीं चल सका (Not traceable) |
11,000 |
7,000 |
88% से अधिक फॉर्म हो चुके हैं डिजिटाइज
अब तक 88% से अधिक यानी 6.96 करोड़ नामांकन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
दावे और आपत्तियों का निस्तारण 25 सितंबर तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित होगी।
मतदाताओं को आयोग की अपील
चुनाव आयोग ने यह भी याद दिलाया कि यदि किसी मतदाता को ERO (Electoral Registration Officer) के निर्णय से आपत्ति है, तो वह जिलाधिकारी या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पास अपील कर सकता है।
अक्टूबर-नवंबर में हो सकते हैं चुनाव
बिहार विधानसभा का कार्यकाल नवंबर 2025 में समाप्त हो रहा है, ऐसे में अक्टूबर-नवंबर के आसपास चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
यह पूरी प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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