बिहार की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल: 2011-12 में ₹2.47 लाख करोड़ से 2023-24 में ₹8.54 लाख करोड़ तक पहुंची

बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया। उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार मौजूदा कीमतों पर 3.5 गुना बढ़ा है। 2011-12 में यह ₹2.47 लाख करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर ₹8.54 लाख करोड़ हो गया है।

बिहार की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल: 2011-12 में ₹2.47 लाख करोड़ से 2023-24 में ₹8.54 लाख करोड़ तक पहुंची
02-03-2025 - 10:54 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया। उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार मौजूदा कीमतों पर 3.5 गुना बढ़ा है। 2011-12 में यह ₹2.47 लाख करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर ₹8.54 लाख करोड़ हो गया है।

आर्थिक विकास की मुख्य बातें:

वर्ष

अर्थव्यवस्था का आकार (लाख करोड़)

वृद्धि दर

2011-12

₹2.47

2023-24

₹8.54

3.5 गुना

चालू कीमतों पर बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2023-24 में ₹8,54,429 करोड़ और स्थिर कीमतों (2011-12) पर ₹4,64,540 करोड़ आंका गया है।

राजस्व प्राप्ति में सुधार:

  • 2023-24 में कर राजस्व: ₹1,61,965 करोड़ (कुल राजस्व प्राप्ति का 83.8%)
  • अनुदान सहायता: ₹26,125 करोड़ (13.5%)
  • गैर-कर स्रोत: ₹5,257 करोड़ (2.7%)

प्रमुख सेक्टर्स में वृद्धि:

क्षेत्र

वृद्धि दर (2011-24)

भारत में स्थान

परिवहन और संचार

7.6%

तीसरा

निर्माण कार्य

22% (2021-23)

औद्योगिक निवेश

3.5 गुना

कृषि और बागवानी क्षेत्र में बढ़ोतरी:

  • धान उत्पादन: 21% वृद्धि (2022-24)
  • गेहूं उत्पादन: 10.7% वृद्धि (2022-24)
  • मक्का उत्पादन: 66.6% वृद्धि (2020-24)
  • आम उत्पादन: 9.7% वृद्धि (2022-24)
  • लीची बागान क्षेत्रफल: 6% वृद्धि

औद्योगिक निवेश:

  • कुल निवेश प्रस्ताव: 3,752 (सितंबर 2024 तक)
  • प्रस्तावित निवेश: ₹75,293.76 करोड़
  • 2023-24 में निवेश: ₹5,642.57 करोड़ (706 परियोजनाएं)
  • कार्यरत इकाइयों में निवेश: ₹8,464.35 करोड़ (31,749 नौकरियां)

ऊर्जा क्षेत्र:

  • 2022-23 में ऊर्जा अधिशेष: 4,034 MU
  • पीक डिमांड (2017-24): 1.4 गुना वृद्धि
  • बिजली आपूर्ति: 1.5 गुना वृद्धि

सामाजिक क्षेत्र में निवेश:

2005-06 से 2023-24 के बीच सामाजिक सेवाओं पर खर्च 13 गुना बढ़ा

वन और लकड़ी उद्योग का योगदान:

2011-12 में ₹4,187 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में ₹13,549 करोड़ हुआ (10.7% वृद्धि)

निष्कर्ष:

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की वित्तीय स्थिति सतत, लचीली और सुरक्षित है। राज्य सरकार का बजटीय प्रबंधन दीर्घकालिक आर्थिक विकास को समर्थन देता है। आगामी वर्षों में कृषि, औद्योगिक विकास और सामाजिक क्षेत्र में और सुधार की उम्मीद है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।