'बेहद चौंकाने वाला': ओमान हमले में भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका की चुप्पी से नाराज़ शशि थरूर, पूछा- क्या यही दोस्ती है?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका की प्रतिक्रिया को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार के आधिकारिक बयान में निर्दोष भारतीय नागरिकों की मौत पर न तो अफसोस जताया गया और न ही संवेदना व्यक्त..
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका की प्रतिक्रिया को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार के आधिकारिक बयान में निर्दोष भारतीय नागरिकों की मौत पर न तो अफसोस जताया गया और न ही संवेदना व्यक्त की गई।
"दोस्त और रणनीतिक साझेदार इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है?"
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अमेरिका का आधिकारिक बयान पढ़कर गहरा झटका लगा। इसमें निर्दोष भारतीयों की मौत पर न कोई दुख व्यक्त किया गया है और न ही संवेदना। आखिर एक 'दोस्त' और रणनीतिक साझेदार इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है?"
घातक कार्रवाई पर उठाए सवाल
थरूर ने अमेरिकी कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि यदि कोई व्यावसायिक जहाज आदेशों का पालन नहीं कर रहा था, तो उसे रोकने के लिए कम घातक विकल्प क्यों नहीं अपनाए गए।
उन्होंने कहा, "क्या किसी जहाज की गति या स्टीयरिंग प्रणाली को निष्क्रिय करने के लिए ऐसे तरीके नहीं अपनाए जा सकते थे, जिनमें नागरिक चालक दल के सदस्यों की जान न जाए? नागरिक नाविकों को निशाना बनाकर मिसाइल दागने की क्या आवश्यकता थी?"
एस. जयशंकर ने भी उठाया मुद्दा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत के दौरान इस घटना का मुद्दा उठाया। उन्होंने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर गंभीर चिंता जताई।
बातचीत के बाद जयशंकर ने वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ अमेरिकी सेना की इस घातक कार्रवाई को "अनुचित और अस्वीकार्य" बताया।
क्या हुआ था?
- 8 जून: पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर मारिवेक्स (Marivex), जिस पर 24 भारतीय नाविक सवार थे, को अमेरिकी बलों ने निष्क्रिय कर दिया। हालांकि सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
- 10 जून: अमेरिकी सेना ने पलाऊ ध्वज वाले एक अन्य टैंकर सेट्टेबेलो (Settebello) पर हमला किया। इस जहाज पर 24 भारतीय नाविक मौजूद थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई।
- 12 जून: गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले टैंकर जलवीर (Jalveer), जिस पर 20 भारतीय नागरिक सवार थे, पर भी हमला किया गया।
भारत ने जताई चिंता
लगातार तीन जहाजों पर हुई घटनाओं ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार ने इस मामले में अमेरिका के समक्ष अपनी चिंता दर्ज कराते हुए भारतीय नागरिकों की मौत पर जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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