राहुल गांधी का पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान, छात्र सम्मेलनों के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी
कांग्रेस ने शनिवार को वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान के पहले चरण की घोषणा की। पार्टी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के युवाओं के साथ व्यवस्थित रूप से विश्वासघात..
कांग्रेस ने शनिवार को वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान के पहले चरण की घोषणा की। पार्टी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के युवाओं के साथ व्यवस्थित रूप से विश्वासघात किया है।
एक महीने तक चलेगा अभियान
कांग्रेस का यह एक माह लंबा जनसंपर्क अभियान देश के प्रमुख शहरों में छात्र सम्मेलनों के माध्यम से चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के लिए जवाबदेही तय करना, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना तथा छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों के अधिकारों एवं भविष्य पर संसद में व्यापक चर्चा कराना है।
युवाओं की समस्याओं को बनाया जाएगा मुख्य मुद्दा
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा,
इन शहरों में होंगे छात्र सम्मेलन
राहुल गांधी अगले एक महीने में देश के कई शहरों में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 17 जून को कोटा से होगी। इसके बाद:
- 10 जुलाई – प्रयागराज (इलाहाबाद)
- 11 जुलाई – पटना
- 14 जुलाई – दिल्ली (समापन सम्मेलन)
इन सम्मेलनों में छात्रों, नौकरी के अभ्यर्थियों, युवा संगठनों, शिक्षकों और परीक्षा घोटालों से प्रभावित लोगों को एक मंच पर लाने की योजना है।
राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं को जोड़ने का प्रयास
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी का मानना है कि भारत के युवाओं की आकांक्षाओं की बलि भ्रष्टाचार, अक्षमता और राजनीतिक उदासीनता की भेंट नहीं चढ़नी चाहिए।
पार्टी के अनुसार, यह आंदोलन राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर छात्रों को एकजुट करेगा और उन्हें अपने अनुभव साझा करने तथा बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा विफलताओं के लिए जवाबदेही मांगने का मंच देगा।
कांग्रेस ने राहुल गांधी को "भारत के छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने वाले सबसे निरंतर और विश्वसनीय नेता" भी बताया।
अभियान की प्रमुख मांगें
इस देशव्यापी अभियान के दौरान कांग्रेस निम्नलिखित मांगें उठाएगी:
- नीट (NEET) परीक्षा का विकेंद्रीकरण
- सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस समाप्त करना
- पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- युवाओं के अधिकारों, रोजगार और भविष्य पर संसद में व्यापक चर्चा
- छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग
जमीनी और डिजिटल स्तर पर चलेगा अभियान
कांग्रेस इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपने युवा संगठन एनएसयूआई (NSUI), यूथ कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस समितियों (PCC), जिला कांग्रेस समितियों (DCC) और स्थानीय इकाइयों को सक्रिय करेगी।
इसके तहत..
- कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों में संपर्क अभियान,
- कोचिंग संस्थानों में संवाद,
- स्कूलों और युवा केंद्रों में कार्यक्रम,
- सोशल मीडिया अभियान,
- लाइव स्क्रीनिंग,
- डिजिटल और भौतिक निमंत्रण,
- तथा छात्रों के साथ सीधा संवाद आयोजित किया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य देशभर के युवाओं को एकजुट कर शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनाना है।
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