आरएसएस को शिक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण से रोकने के लिए एकजुट है INDIA गठबंधन: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद INDIA गठबंधन के सहयोगी इस संकल्प में एकजुट हैं कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को देश की शिक्षा प्रणाली पर नियंत्रण नहीं करने देंगे।

आरएसएस को शिक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण से रोकने के लिए एकजुट है INDIA गठबंधन: राहुल गांधी
25-03-2025 - 12:53 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद INDIA गठबंधन के सहयोगी इस संकल्प में एकजुट हैं कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को देश की शिक्षा प्रणाली पर नियंत्रण नहीं करने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का नियंत्रण देश के लिए विनाशकारी होगा।

राहुल गांधी ने कहा, "एक संगठन भारत के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को समाप्त करने की कोशिश कर रहा है। उस संगठन का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) है। सच्चाई यह है कि यदि हमारी शिक्षा व्यवस्था उनके हाथ में चली गई, जैसा कि धीरे-धीरे हो रहा है, तो यह देश समाप्त हो जाएगा। यहां किसी को भी नौकरी नहीं मिलेगी और देश का विनाश हो जाएगा।"

लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने ये बयान नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र की शिक्षा नीतियों और पेपर लीक के खिलाफ आयोजित एक विरोध मार्च के दौरान दिया। इस मार्च का आयोजन कांग्रेस की छात्र इकाई राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) द्वारा किया गया था और इसमें INDIA गठबंधन के छात्र संगठनों ने भाग लिया।

उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि सभी छात्र संगठन यहां मौजूद हैं, क्योंकि यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप छात्रों को बताएं कि आज भारत की सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति (VC) RSS के प्रभाव में हैं। आने वाले समय में राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति भी RSS की सिफारिशों पर नियुक्त किए जाएंगे। यह देश के लिए खतरनाक है और हमें इसे रोकना होगा।"

UGC के नए मसौदे पर हमला

राहुल गांधी की यह टिप्पणी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के उस मसौदे के जवाब में आई, जो 6 जनवरी को जारी किया गया था। इस मसौदे में विश्वविद्यालयों में कुलपतियों और शिक्षकों की नियुक्ति व पदोन्नति के लिए नियम तय किए गए हैं। इसमें कुलपति की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन समिति बनाने का प्रावधान है, जिसमें समिति के अध्यक्ष राज्यपाल के नामित सदस्य होंगे, जबकि अन्य दो सदस्य UGC अध्यक्ष और विश्वविद्यालय की सर्वोच्च संस्था द्वारा नामित किए जाएंगे।

शिक्षा नीति पर कोई समझौता नहीं

राहुल गांधी ने कहा, "आप सभी INDIA गठबंधन के छात्र हैं। हमारे बीच कुछ वैचारिक मतभेद या नीतियों को लेकर अलग राय हो सकती है, लेकिन हम भारत की शिक्षा व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं करेंगे। हम एकजुट होकर कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेंगे और RSS तथा BJP को हराएंगे।"

गौरतलब है कि राहुल गांधी की यह टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों की कोई संयुक्त रणनीति बैठक नहीं हुई है। इससे पहले जनवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने AAP को "विरोधी" बताया था, जिसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस "गुप्त रूप से BJP के साथ मिली हुई है।" हालांकि, INDIA गठबंधन के सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) ने दिल्ली चुनाव में AAP का समर्थन किया था।

प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि "प्रधानमंत्री संसद में कुंभ मेले की बात कर रहे थे, लेकिन उन्हें देश के युवाओं की बेरोजगारी पर भी बोलना चाहिए। यह देश की सबसे बड़ी समस्या है।"

उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री को यह बताना चाहता था कि कुंभ मेले की बात करना अच्छी बात है, लेकिन उन्हें देश के भविष्य पर भी बात करनी चाहिए। उन्हें बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलना चाहिए। आपकी सरकार ने देश के युवाओं को बेरोजगार बना दिया है और इस पर आपको बोलना चाहिए। लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि इनका मॉडल अडानी और अंबानी को देश के संसाधन सौंपने और RSS को शैक्षणिक संस्थानों का नियंत्रण देने का है।"

छात्र संगठनों की प्रमुख मांगें

NSUI अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि INDIA गठबंधन के 10 छात्र संगठनों ने राहुल गांधी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें BJP सरकार की "छात्र विरोधी नीतियों" के गंभीर प्रभावों को उजागर किया गया है।

इस विरोध मार्च में CPIML के ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), CPI के ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), CPI(M) के स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के छात्र राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी (SP) के समाजवादी छात्र सभा और IUML के मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन सहित 10 प्रमुख छात्र संगठनों ने भाग लिया।

छात्र नेताओं ने मार्च के दौरान निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:

  • विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और UGC का नया मसौदा रद्द किया जाए।
  • परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को रोका जाए।
  • छात्रवृत्तियों (स्कॉलरशिप) का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए।

राहुल गांधी के इस बयान और विरोध प्रदर्शन के बाद, यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार और संबंधित संस्थान इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।