भारत विरोधी सुर में बोले सत्ता से बेदखल ओली, फिर याद दिलाई अयोध्या और लिपुलेख

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत पर निशाना साधा है। उनका दावा है कि लिपुलेख विवाद और अयोध्या को लेकर उनके रुख की वजह से उन्हें पद से हटाया गया। ओली का कहना है कि अगर उन्होंने भारत को चुनौती नहीं दी होती, तो वह आज भी सत्ता में..

भारत विरोधी सुर में बोले सत्ता से बेदखल ओली, फिर याद दिलाई अयोध्या और लिपुलेख
13-09-2025 - 08:37 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

काठमांडू। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत पर निशाना साधा है। उनका दावा है कि लिपुलेख विवाद और अयोध्या को लेकर उनके रुख की वजह से उन्हें पद से हटाया गया। ओली का कहना है कि अगर उन्होंने भारत को चुनौती नहीं दी होती, तो वह आज भी सत्ता में होते।

सत्ता से बाहर होने के बाद ओली भारत पर गुस्सा निकाल रहे हैं। उन्होंने तीखे हमले करते हुए कहा कि भारत को चुनौती देने का खामियाजा उन्हें पद से हटाकर भुगतना पड़ा। ओली ने अपनी पार्टी के महासचिव को लिखे एक पत्र में भारत विरोधी बयान दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल वह नेपाल आर्मी की शिवपुरी बैरक में हैं। ओली ने कहा कि अगर उन्होंने लिपुलेख पर सवाल नहीं उठाए होते, जिस पर नेपाल अपना हक जताता है, तो वह पद पर बने रहते।

अयोध्या और लिपुलेख पर रुख की वजह से गंवाई सत्ता
ओली ने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या और भगवान राम को लेकर अपनी स्थिति के कारण उन्हें राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा, “मैंने सत्ता इसलिए खोई क्योंकि मैंने अयोध्या में राम के जन्म पर आपत्ति जताई।”

जुलाई 2020 में नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री के तौर पर ओली ने दावा किया था कि भगवान राम भारत के नहीं बल्कि नेपाली थे। उन्होंने कहा था, “भगवान राम का राज्य अयोध्या बीरगंज के पश्चिम में नेपाल में स्थित है और भारत ने एक विवादित अयोध्या का निर्माण किया है।”

लिपुलेख विवाद की पृष्ठभूमि
भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख दर्रे का विवाद सबसे गंभीर सीमा विवादों में से एक है। यह विवाद काली नदी के उद्गम स्थल को लेकर है, जिसे 1816 की सुगौली संधि में दोनों देशों की सीमा के रूप में परिभाषित किया गया था।

नेपाल का कहना है कि नदी का उद्गम लिंपियाधुरा से होता है, जो लिपुलेख के उत्तर-पश्चिम में है, इस वजह से कालापानी और लिपुलेख उसका हिस्सा हैं। जबकि भारत का कहना है कि नदी का उद्गम कालापानी गांव के पास है, जिससे यह क्षेत्र उत्तराखंड का हिस्सा बनता है।

नेपाल से हटे ओली
सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ भड़की नेपाल की "जनरेशन जेड" ने विद्रोह करके ओली सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। ओली का यह बयान प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद आया। वर्तमान में नेपाल में राष्ट्रपति शासन लागू है और अंतरिम सरकार के गठन पर काम चल रहा है।

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