इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट आज से शुरू: पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, जानिए इस मेगा AI आयोजन से जुड़ी हर अहम बात
भारत आज से अपने अब तक के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आयोजन की मेज़बानी करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन..
भारत आज से अपने अब तक के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आयोजन की मेज़बानी करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन करेंगे। इस समिट में वैश्विक टेक जगत की कई दिग्गज हस्तियाँ हिस्सा ले रही हैं, जिनमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन शामिल हैं। मंच से एआई के भविष्य पर चर्चा होगी, जिसमें भारत को केंद्र में रखा गया है।
कब और कितने दिन चलेगा समिट?
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 16 फरवरी से 20 फरवरी तक, यानी पूरे 5 दिनों तक चलेगा। यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला बड़ा AI समिट है, जिससे भारत वैश्विक एआई मानचित्र के केंद्र में आ गया है। पीएम मोदी आज शाम 5 बजे समिट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
समिट एक नज़र में (Summit in Numbers)
- 300+ क्यूरेटेड एग्ज़ीबिशन पवेलियन और लाइव डेमो
- 10 अलग-अलग एरीना, कुल क्षेत्रफल लगभग 70,000 वर्ग मीटर
- 500+ सेशंस
- 3,250 से अधिक स्पीकर्स और पैनलिस्ट
- 2.5 लाख (250,000) से ज्यादा आगंतुकों के आने की उम्मीद
समिट को तीन मुख्य थीम्स में बांटा गया है, जिन्हें भारत ने “थीमैटिक चक्र” नाम दिया है:
People (लोग)
Planet (पर्यावरण)
Progress (प्रगति)
इनका उद्देश्य AI के सामाजिक सुधार, पर्यावरणीय स्थिरता और वैज्ञानिक/तकनीकी उन्नति में उपयोग को दिखाना है।
कौन-कौन से बड़े नाम होंगे शामिल?
इस AI समिट में दुनिया भर से टेक लीडर्स, उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक और सरकारी प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। प्रमुख नामों में:
- डारियो अमोडेई (Anthropic CEO)
- मुकेश अंबानी (Reliance Industries)
- डेमिस हसाबिस (Google DeepMind)
- सैम ऑल्टमैन
इसके अलावा कई देशों के सरकारी अधिकारी और राष्ट्राध्यक्ष भी समिट में मौजूद रहेंगे।
इंटरनेशनल कंट्री पवेलियन
समिट में 13 देशों के पवेलियन लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्ज़रलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका।
इनका मकसद वैश्विक AI इकोसिस्टम में ज्ञान साझा करना और साझेदारी को बढ़ावा देना है।
Sovereign AI पर खास ज़ोर
इस समिट का सबसे अहम फोकस है — Sovereign AI, यानी भारत की अपनी AI तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर।
- मार्च 2024 में भारत सरकार ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹10,372 करोड़ के निवेश की घोषणा की थी।
- Google विशाखापट्टनम में $15 बिलियन का AI हब बनाएगा।
- Tata Group महाराष्ट्र में $11 <
What's Your Reaction?