भारत-UK मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अंतिम रूप से संपन्न, निर्यात, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा: पीएम मोदी
भारत और ब्रिटेन ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दे दिया, जो वस्त्र, चमड़ा और इंजीनियरिंग वस्तुओं जैसे भारतीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करेगा और ब्रिटिश व्हिस्की, ऑटोमोबाइल और चिकित्सा उपकरणों पर शुल्कों में कटौती करेगा..
नयी दिल्ली। भारत और ब्रिटेन ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दे दिया, जो वस्त्र, चमड़ा और इंजीनियरिंग वस्तुओं जैसे भारतीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करेगा और ब्रिटिश व्हिस्की, ऑटोमोबाइल और चिकित्सा उपकरणों पर शुल्कों में कटौती करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे व्यापार, निवेश और रोजगार सृजन के लिए एक उत्प्रेरक बताया।
यह समझौता दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तीन वर्षों की वार्ता के बाद हुआ है। इसकी शुरुआत 2022 तक समझौता पूरा करने के लक्ष्य के साथ हुई थी, जब तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और मोदी ने इसे तय किया था। हालांकि, शराब, कारों पर शुल्क और भारतीय पेशेवरों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर मतभेदों और ब्रिटेन की राजनीतिक अस्थिरता के कारण प्रक्रिया में देरी हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा
मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से फोन पर बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर कहा, “एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, भारत और ब्रिटेन ने एक महत्वाकांक्षी और परस्पर लाभकारी FTA को सफलतापूर्वक अंतिम रूप दे दिया है, साथ ही एक ‘डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन’ पर भी सहमति बनी है।
ये समझौते हमारी ‘समग्र रणनीतिक साझेदारी’ को और गहराएंगे और दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को उत्प्रेरित करेंगे।”
ब्रिटेन की प्रतिक्रिया
ब्रिटिश पीएम स्टारमर ने इस समझौते को “UK के लिए एक बड़ी आर्थिक जीत” बताया और मोदी की निर्णायक नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “यह समझौता यूरोपीय संघ से अलग होने के बाद UK द्वारा किया गया सबसे बड़ा और भारत द्वारा अब तक किया गया सबसे महत्वाकांक्षी समझौता है।”
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय का बयान
- समझौते से 99% भारतीय निर्यातों पर शून्य शुल्क लगेगा।
- वस्त्र, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, जूते, खिलौने, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग वस्तुएं, ऑटो पार्ट्स, जैविक रसायन जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
- यह भारत को वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले ब्रिटेन में प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
सेवाओं में व्यापार और ‘डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन’
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT), वित्तीय, पेशेवर सेवाओं, शिक्षा, और टेलीकम्युनिकेशन क्षेत्रों के लिए सेवा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन के तहत, भारतीय कामगारों और उनके नियोक्ताओं को तीन साल तक ब्रिटेन में सामाजिक सुरक्षा भुगतान से छूट मिलेगी।
- इससे 60,000 से अधिक IT कर्मियों को लाभ और कुल मिलाकर ₹4,000 करोड़ से अधिक की बचत अनुमानित है।
प्रवासी पेशेवरों के लिए अवसर
- सौदा युवा भारतीयों को वैश्विक गतिशीलता प्रदान करेगा।
- कॉन्ट्रैक्चुअल सेवा प्रदाताओं, व्यापार आगंतुकों, निवेशकों, आंतरिक ट्रांसफर कर्मचारियों और स्वतंत्र पेशेवरों (जैसे योग शिक्षक, संगीतकार, रसोइये) के लिए वीजा प्रक्रिया सुगम होगी।
ब्रिटिश सामानों पर शुल्क कटौती
- ब्रिटिश व्हिस्की और जिन पर भारतीय शुल्क 150% से घटाकर 75% किया जाएगा, और 10 वर्षों में 40% तक लाया जाएगा।
- मेडिकल उपकरण, एयरोस्पेस उत्पाद, कॉस्मेटिक्स, चॉकलेट, बिस्किट, मांस, सैल्मन और सॉफ्ट ड्रिंक्स पर शुल्क में छूट मिलेगी।
- भारत ब्रिटिश कपड़ों, जूतों और खाद्य उत्पादों पर भी टैरिफ को उदार बनाएगा।
व्यापार आंकड़े और भविष्य की संभावनाएं:
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आँकड़े (2024) |
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भारत-UK द्विपक्षीय व्यापार |