‘यह दोनों के हित में होगा…’: भारत पर ट्रंप के टैरिफ को लेकर इस्राइल के पीएम नेतन्याहू की प्रतिक्रिया
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका, दोनों के हित में होगा कि टैरिफ (शुल्क) से जुड़ा मुद्दा सुलझा लिया जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेतन्याहू ने कहा कि वे जल्द ही भारत आना..
यरूशलम। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका, दोनों के हित में होगा कि टैरिफ (शुल्क) से जुड़ा मुद्दा सुलझा लिया जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेतन्याहू ने कहा कि वे जल्द ही भारत आना चाहेंगे।
भारतीय पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इस्राइल के बीच सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं, जिनमें खुफिया जानकारी साझा करना और आतंकवाद से मुकाबला करना भी शामिल है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब नेतन्याहू ने भारत के इस्राइल में राजदूत जे.पी. सिंह से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने गुरुवार को X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज यरूशलम स्थित अपने कार्यालय में भारत के इस्राइल में राजदूत जे.पी. सिंह से मुलाकात की। प्रधानमंत्री और राजदूत ने द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार पर चर्चा की, विशेष रूप से सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर।"
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर लगाए गए शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया, और इसका कारण भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद को बताया। ट्रंप ने यह शुल्क दो चरणों में लगाया — पहले 25 प्रतिशत शुल्क की घोषणा 30 जुलाई को की गई, और अतिरिक्त 25 प्रतिशत का ऐलान बुधवार को किया गया।
ट्रंप ने "रूसी संघ की सरकार द्वारा अमेरिका के लिए खतरे से निपटने" शीर्षक वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पहले से लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क के ऊपर अतिरिक्त 25 प्रतिशत लगाया गया है। यह आदेश 7 अगस्त से प्रभावी होगा।
व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर पोस्ट आदेश में कहा गया, "लगाया गया ए़ड वैलोरेम शुल्क… ऐसे किसी भी अन्य शुल्क, फीस, कर, वसूली और आयात पर लागू अन्य प्रभारों के अतिरिक्त होगा…" जहाँ प्रारंभिक 25 प्रतिशत शुल्क 7 अगस्त से लागू हो रहा है, वहीं अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क 21 दिनों बाद यानी 27 अगस्त से प्रभावी होगा।
भारत ने ट्रंप के इस अतिरिक्त शुल्क पर कड़ा जवाब देते हुए कहा कि यह कार्रवाई “अनुचित, अन्यायपूर्ण और असंगत” है।
भारत का आधिकारिक बयान
- हाल के दिनों में अमेरिका ने भारत के रूस से तेल आयात को निशाना बनाया है।
- हम पहले ही इन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि हमारा आयात बाज़ार कारकों पर आधारित है और 1.4 अरब भारतीय नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यापक उद्देश्य से किया जाता है।
- इसलिए यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का निर्णय लिया, जबकि अन्य कई देश भी अपने राष्ट्रीय हित में यही कर रहे हैं।
- हम दोहराते हैं कि यह कार्रवाई अनुचित, अन्यायपूर्ण और असंगत है।
- भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 88 प्रतिशत विदेश से खरीदता है, जिसे रिफाइन करके पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधनों में बदला जाता है। आंकड़ों के अनुसार, 2021 तक भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी मुश्किल से 0.2 प्रतिशत थी।
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