भारत ने ट्रंप की टैरिफ धमकी का आंकड़ों से दिया जवाब, अमेरिका और यूरोपीय संघ के रूस के साथ व्यापार पर डाला ध्यान .. 10 मुख्य बिंदु

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ (शुल्क) संबंधी चेतावनी पर भारत की तीखी प्रतिक्रिया ने पश्चिमी देशों के रूस के साथ व्यापारिक संबंधों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। “अनुचित और अव्यवहारिक” आलोचना का करारा जवाब देते हुए भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा रूसी ऊर्जा, धातु और उर्वरकों का आयात जारी..

भारत ने ट्रंप की टैरिफ धमकी का आंकड़ों से दिया जवाब, अमेरिका और यूरोपीय संघ के रूस के साथ व्यापार पर डाला ध्यान .. 10 मुख्य बिंदु
05-08-2025 - 10:44 AM

नयी दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ (शुल्क) संबंधी चेतावनी पर भारत की तीखी प्रतिक्रिया ने पश्चिमी देशों के रूस के साथ व्यापारिक संबंधों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। “अनुचित और अव्यवहारिक” आलोचना का करारा जवाब देते हुए भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा रूसी ऊर्जा, धातु और उर्वरकों का आयात जारी रखने की ओर इशारा किया।

सोमवार को ट्रंप ने नई चेतावनी देते हुए कहा कि वह भारत पर अमेरिकी टैरिफ "काफी हद तक" बढ़ा देंगे, क्योंकि भारत बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है और उसे भारी मुनाफे पर बेच रहा है। इस आलोचना को दृढ़ता से खारिज करते हुए भारत ने इस मुद्दे पर दोहरे मानदंडों की ओर इशारा किया और कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ रूस के साथ अपने व्यापारिक संबंध अभी भी जारी रखे हुए हैं।

10 मुख्य बिंदु:

  1. MEA (विदेश मंत्रालय) ने कहा कि जब भारत को रूस के साथ ऊर्जा संबंधों को लेकर आलोचना झेलनी पड़ रही है, वहीं अमेरिका और यूरोपीय संघ भी मास्को के साथ व्यापार कर रहे हैं।
  2. यूरोप-रूस व्यापार में सिर्फ ऊर्जा ही नहीं, बल्कि उर्वरक, खनन उत्पाद, रसायन, लोहा व इस्पात, मशीनरी और परिवहन उपकरण भी शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि 2024 में यूरोपीय संघ और रूस के बीच माल का द्विपक्षीय व्यापार 67.5 बिलियन यूरो रहा। इसके अलावा, 2023 में सेवाओं का व्यापार 17.2 बिलियन यूरो था। यह भारत-रूस के कुल व्यापार से कहीं अधिक है। 2024 में यूरोप का एलएनजी (तरल प्राकृतिक गैस) आयात 16.5 मिलियन टन रहा, जो कि 2022 के पिछले रिकॉर्ड 15.21 मिलियन टन से अधिक है।
  3. अमेरिका के संबंध में, मंत्रालय ने कहा कि वह अब भी रूस से अपने परमाणु उद्योग के लिए यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, ईवी उद्योग के लिए पैलेडियम, उर्वरक, और रसायन आयात कर रहा है।
  4. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि "हमारे मामले के विपरीत, यह व्यापार अमेरिका और यूरोप के लिए कोई राष्ट्रीय अनिवार्यता भी नहीं है।"
  5. भारत ने दोहराया कि उसे निशाना बनाना "अनुचित और अव्यवहारिक" है। मंत्रालय ने कहा, “किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह, भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।”
  6. भारत ने याद दिलाया कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद जब पारंपरिक आपूर्ति यूरोप की ओर मोड़ी गई, तब नई दिल्ली ने रूस से आयात शुरू किया था — और अमेरिका ने इस खरीद को "सक्रिय रूप से प्रोत्साहित" भी किया था।
  7. भारत ने कहा कि उसका रूस से तेल आयात, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सुलभ और पूर्वानुमान योग्य ऊर्जा कीमतों को सुनिश्चित करने के लिए है। "यह वैश्विक बाजार की स्थिति से मजबूर एक आवश्यकता है।"
  8. इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उनका प्रशासन भारत पर टैरिफ काफी बढ़ा देगा। उन्होंने कहा, “भारत केवल बड़ी मात्रा में रूसी तेल ही नहीं खरीद रहा है, बल्कि उसमें से बहुत कुछ को खुले बाजार में भारी मुनाफे के साथ बेच भी रहा है। उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि यूक्रेन में कितने लोग रूस की युद्ध मशीन द्वारा मारे जा रहे हैं। इस कारण, मैं भारत द्वारा अमेरिका को चुकाए जाने वाले टैरिफ को काफी हद तक बढ़ा दूंगा।”
  9. 1 अगस्त को ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसका नाम था ‘Further Modifying The Reciprocal Tariff Rates’, जिसके तहत 60 से अधिक देशों पर टैरिफ बढ़ा दिया गया, और भारत के लिए यह दर 25% तक बढ़ाई गई।
  10. इसके अलावा, ट्रंप ने भारत और रूस के घनिष्ठ संबंधों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ये दोनों देश अपनी “मरी हुई अर्थव्यवस्थाओं” को एक साथ नीचे गिरा सकते हैं, जिस पर भारत ने याद दिलाया कि वह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।