प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी और सोशल मीडिया पोस्ट से बचें: जमीयत प्रमुख मौलाना मदनी की मुसलमानों से अपील

मौलाना अरशद मदनी ने मंगलवार को मुसलमानों से अपील की कि वे प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से बचें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि जिन लोगों को भैंस की कुर्बानी देने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, वे प्रशासन को विश्वास में लेकर ऐसी जगह पर कुर्बानी करें जहां किसी प्रकार का विवाद..

प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी और सोशल मीडिया पोस्ट से बचें: जमीयत प्रमुख मौलाना मदनी की मुसलमानों से अपील
27-05-2026 - 10:27 AM

नयी दिल्ली। मौलाना अरशद मदनी ने मंगलवार को मुसलमानों से अपील की कि वे प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से बचें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि जिन लोगों को भैंस की कुर्बानी देने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, वे प्रशासन को विश्वास में लेकर ऐसी जगह पर कुर्बानी करें जहां किसी प्रकार का विवाद या व्यवधान न हो। भारत में ईद-उल-अज़हा 28 मई को मनाई जाएगी।

ईद-उल-अज़हा से पहले मुस्लिम समुदाय के नाम जारी अपने संदेश में मदनी ने कहा कि जिस व्यक्ति पर कुर्बानी वाजिब है, उसे यह धार्मिक कर्तव्य अवश्य निभाना चाहिए। हालांकि उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुसलमानों से स्वयं एहतियाती कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा, “दिखावा करने से बचें, खासकर सोशल मीडिया पर कटे हुए जानवरों की तस्वीरें साझा न करें।” मदनी ने मुसलमानों से यह भी आग्रह किया कि वे कुर्बानी के दौरान सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करें।

उन्होंने कहा, “यदि किसी स्थान पर शरारती तत्व भैंस की कुर्बानी में बाधा डालते हैं, तो कुछ समझदार और प्रभावशाली लोग प्रशासन को विश्वास में लें और उसके बाद कुर्बानी अदा करें।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर किसी भी स्थिति में इस धार्मिक कर्तव्य को निभाने का कोई रास्ता न बचे, तो नज़दीकी ऐसे स्थान पर कुर्बानी की जाए जहां कोई परेशानी न हो।”

त्योहार के दौरान साफ-सफाई पर जोर देते हुए मदनी ने मुसलमानों, जमीयत के स्वयंसेवकों और इमामों से अपील की कि वे स्वयंसेवी टीमें बनाकर कुर्बानी के बाद निकलने वाले कचरे के उचित निपटान में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि ये टीमें अपने-अपने इलाकों को साफ रखने में मदद करें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी वजह से किसी को असुविधा या नुकसान न पहुंचे।

इस बीच, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सोमवार को मुसलमानों से ईद-उल-अज़हा के दौरान गाय की कुर्बानी न करने की अपील की। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से मौलाना मदनी के उस सुझाव पर विचार करने को कहा, जिसमें गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की गई थी।

अंसारी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कुछ दिन पहले मदनी ने कहा था कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि मुसलमानों को इस फैसले पर कोई आपत्ति नहीं होगी,बल्कि वे खुश होंगे क्योंकि इससे गौ-रक्षा के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोक लग सकती है।

मदनी ने यह सवाल भी उठाया कि जब देश की बहुसंख्यक आबादी गाय को पवित्र मानती है और उसे मां का दर्जा देती है, तो फिर सरकार किस राजनीतिक मजबूरी के कारण गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित नहीं कर रही है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।