केरल में अल्पसंख्यक संगठन के नेता ने मुस्लिम-बहुल जिला मलप्पुरम को बताया "अलग देश"
श्री नारायण धर्म परिपालना (SNDP) योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेशन द्वारा मलप्पुरम में दिए गए एक भाषण ने केरल की राजनीति में विवाद खड़ा कर दिया है। मुस्लिम बहुल जिले मलप्पुरम के संदर्भ में नटेशन ने कहा कि यह "एक अलग देश" जैसा है। उनके इस बयान पर राज्य भर के राजनीतिक और सामुदायिक नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।
तिरुवनंतपुरम। श्री नारायण धर्म परिपालना (SNDP) योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेशन द्वारा मलप्पुरम में दिए गए एक भाषण ने केरल की राजनीति में विवाद खड़ा कर दिया है। मुस्लिम बहुल जिले मलप्पुरम के संदर्भ में नटेशन ने कहा कि यह "एक अलग देश" जैसा है। उनके इस बयान पर राज्य भर के राजनीतिक और सामुदायिक नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।
नटेशन ने शुक्रवार को जिले के चुंगथारा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में कहा, “मुझे नहीं लगता कि आप मलप्पुरम में ताज़ी हवा में सांस लेकर जी सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि आप स्वतंत्र राय व्यक्त करके वहां रह सकते हैं। मलप्पुरम एक अलग देश है। यह एक अलग लोगों का राज्य है।”
इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पिछड़े समुदायों को स्वतंत्रता के दशकों बाद भी कोई लाभ मिला है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार, मलप्पुरम की आबादी 41 लाख से अधिक है, जिसमें 70% से अधिक मुस्लिम और 27.6% हिंदू हैं। SNDP संगठन एझावा समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी केरल के कई हिस्सों में अच्छी खासी उपस्थिति है।
IUML का तीखा विरोध
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने नटेशन की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। पार्टी अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा, “जब कोई मलप्पुरम की आलोचना करता है, तो वह सिर्फ किसी एक समुदाय की नहीं करता, बल्कि उन महान साहित्यकारों और कलाकारों की भूमि की आलोचना करता है। यह एक ऐसा जिला है जहां ऐतिहासिक मंदिर हैं। यह जिला सभी समुदायों का है, किसी एक का नहीं।”
नटेशन ने किया बचाव, बयान पर अडिग
विवाद के बावजूद, नटेशन ने कहा कि वे अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं एक शब्द भी वापस नहीं लूंगा। मैंने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ क्या कहा है? मैंने बस इतना कहा कि मलप्पुरम में सामाजिक न्याय नहीं है और यह सच है।”
उन्होंने आगे कहा कि कुछ IUML नेता उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर उन्हें मुस्लिम विरोधी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं हूं। मैंने कोई नफ़रत फैलाने वाला बयान नहीं दिया है। कुछ मीडिया चैनल मेरे बयान के कुछ हिस्सों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहे हैं।”
पिछड़े वर्गों के साथ भेदभाव का आरोप
नटेशन ने आरोप लगाया कि मलप्पुरम में पिछड़े वर्गों को सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और आर्थिक अवसरों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा: “हमारे समुदाय के पास मलप्पुरम में श्मशान भूमि तक नहीं है। वे वहां गुलामों की तरह जी रहे हैं।”
IUML की धर्मनिरपेक्षता पर सवाल
नटेशन ने IUML की धर्मनिरपेक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “IUML ने आज तक मलप्पुरम जिले में किसी गैर-मुस्लिम उम्मीदवार को, यहां तक कि पंचायत स्तर पर भी, टिकट क्यों नहीं दिया? वे छद्म धर्मनिरपेक्षता (pseudo-secularism) फैला रहे हैं।”
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