मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: ‘चिकन नेक’ पर 12 फीट ऊँची स्मार्ट फेंसिंग, भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ की कड़ी घेराबंदी
पड़ोसी देश बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) क्षेत्र में सीमा सुरक्षा को और मजबूत करते हुए नई डिजाइन की सीमा बाड़ (एनडीएफ) स्थापित की..
नयी दिल्ली। पड़ोसी देश बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) क्षेत्र में सीमा सुरक्षा को और मजबूत करते हुए नई डिजाइन की सीमा बाड़ (एनडीएफ) स्थापित की है। यह नई फेंसिंग क्षेत्र के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से में लगाई जा चुकी है।
द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में 12 फीट ऊँची नई डिजाइन की फेंसिंग स्थापित की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र प्रभुत्व (एरिया डोमिनेशन) योजना में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। नई योजना के तहत बीएसएफ उन स्थानों को निशाना बना रही है, जहां से मवेशियों को इकट्ठा कर तस्करी के लिए सीमा के पास लाया जाता है।
तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर बीएसएफ की टीमें भारतीय क्षेत्र के भीतर कई किलोमीटर अंदर तक छापेमारी भी कर रही हैं।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- इस नई फेंसिंग को काटने में कई मिनट लगते हैं, और इसकी ऊँचाई व संरचना इसे पार करना बेहद कठिन बनाती है।
- यह व्यवस्था घुसपैठ के प्रयासों और मवेशी तस्करी जैसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाने में मदद करेगी।
- हाल के महीनों में बीएसएफ ने कई बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा, जो अनजाने में अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गए थे।
- विस्तृत पृष्ठभूमि सत्यापन के बाद, बीएसएफ ने उन्हें बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को सौंप दिया।
- इस प्रक्रिया के तहत उनके फिंगरप्रिंट और व्यक्तिगत विवरण साझा किए गए, ताकि किसी भी आपराधिक या राष्ट्रविरोधी रिकॉर्ड की पुष्टि की जा सके।
- आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक बीएसएफ ने लगभग 85 करोड़ रुपये के तस्करी सामान जब्त किए हैं, जिनमें मवेशी, सोना, चांदी, वन्यजीव उत्पाद, हथियार, गोला-बारूद और अन्य प्रतिबंधित सामग्री शामिल है।
- इसी अवधि में 440 बांग्लादेशी (जिसमें तस्कर और एजेंट शामिल हैं), 152 भारतीय और 11 अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
- आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 187 बांग्लादेशी नागरिकों को बीजीबी को सौंपा गया।
बीएसएफ अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में फेंसिंग कवरेज का और विस्तार किया जाएगा, तकनीकी निगरानी को मजबूत किया जाएगा और स्थानीय समुदायों के सहयोग से सीमा अपराधों के खिलाफ अभियानों को तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में ‘चिकन नेक’ क्षेत्र की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
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