एसआईआर पर टकराव: ‘अमानवीय व्यवहार’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी ममता, डर से मौतों का आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह चुनावी राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन—SIR) के दौरान लोगों के साथ किए जा रहे कथित “अमानवीय व्यवहार” के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख..

एसआईआर पर टकराव: ‘अमानवीय व्यवहार’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी ममता, डर से मौतों का आरोप
06-01-2026 - 11:10 AM
06-01-2026 - 11:11 AM

नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह चुनावी राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन—SIR) के दौरान लोगों के साथ किए जा रहे कथित “अमानवीय व्यवहार” के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगी।

दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से जुड़े “डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी” के कारण कई लोगों की मौत हुई है और कई अन्य को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

उन्होंने कहा, हम एसआईआर के कारण लोगों के साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार और डर की वजह से हुई इतनी मौतों के खिलाफ कल अदालत जा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, अगर जरूरत पड़ी तो मैं एक आम नागरिक के तौर पर भी सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी और इस अमानवीय प्रक्रिया के खिलाफ गुहार लगाऊंगी। मैं एक प्रशिक्षित वकील भी हूं।”

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस कारण के मतदाता सूची से नाम “मनमाने ढंग से काटे जा रहे हैं”, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया “डर का स्रोत” बन गई है।

ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि गंभीर रूप से बीमार और बुजुर्ग नागरिकों को “यह साबित करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होने को मजबूर किया जा रहा है कि वे वैध मतदाता हैं।”

उन्होंने कहा, अगर किसी के बूढ़े माता-पिता को पहचान साबित करने के लिए लाइन में खड़ा किया जाए तो बीजेपी नेताओं को कैसा लगेगा? एसआईआर शुरू होने के बाद डर के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं।”

इससे पहले शनिवार को ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में “प्रक्रियागत उल्लंघनों” और “प्रशासनिक चूकों” की कड़ी आलोचना की थी।

अपने पत्र में उन्होंने इस प्रक्रिया को “अव्यवस्थित, मनमानी और अस्थायी (एडहॉक)” करार देते हुए कहा था कि यदि खामियां दूर नहीं की जातीं, तो चुनाव आयोग को एसआईआर रोक देना चाहिए।

पत्र में उन्होंने लिखा, मैं एक बार फिर आपको पत्र लिखने को मजबूर हूं ताकि पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं, प्रक्रियागत उल्लंघनों और प्रशासनिक चूकों को रिकॉर्ड पर लाया जा सके।”

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है, जिसे उन्होंने “लोकतांत्रिक शासन की बुनियादी सिद्धांतों पर सीधा हमला” बताया।

उन्होंने आगे लिखा, मैं आपसे जोरदार आग्रह करती हूं कि इन खामियों को तुरंत दूर किया जाए और आवश्यक सुधार किए जाएं, अन्यथा इस अव्यवस्थित, मनमानी और एडहॉक प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए। यदि इसे मौजूदा स्वरूप में जारी रहने दिया गया, तो इससे अपूरणीय क्षति होगी, पात्र मतदाताओं का बड़े पैमाने पर मताधिकार छीना जाएगा और यह लोकतांत्रिक शासन की बुनियादी नींव पर सीधा आघात होगा।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।