अमेरिका का पहला बिना पायलट वाला फाइटर जेट, लॉकहीड और डसॉल्ट की बढ़ी टेंशन; लक्ष्य लॉक कर सकता है, मिसाइल दागने में सक्षम
किसी भी युद्ध को जीतने में फाइटर जेट्स की भूमिका बेहद अहम होती है। संघर्ष के दौरान कई बार लड़ाकू विमान नष्ट भी हो जाते हैं। एक फाइटर जेट को खरीदने या उसका निर्माण करने की लागत का गणित बेहद पीड़ादायक होता है..एक ही विमान को पूरी तरह हथियारों से लैस कर युद्ध के लिए तैयार करने में अरबों डॉलर झोंक
किसी भी युद्ध को जीतने में फाइटर जेट्स की भूमिका बेहद अहम होती है। संघर्ष के दौरान कई बार लड़ाकू विमान नष्ट भी हो जाते हैं। एक फाइटर जेट को खरीदने या उसका निर्माण करने की लागत का गणित बेहद पीड़ादायक होता है..एक ही विमान को पूरी तरह हथियारों से लैस कर युद्ध के लिए तैयार करने में अरबों डॉलर झोंक दिए जाते हैं। इसके बाद युद्ध के समय देशों को अपने सर्वश्रेष्ठ पायलटों की जान भी जोखिम में डालनी पड़ती है।
इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया भर के देश अब मानवरहित (Unmanned) फाइटर जेट विकसित करने पर काम कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे ड्रोन विमान होते हैं।
इसी दिशा में एक अपेक्षाकृत नई कंपनी ने अब स्थापित दिग्गज फाइटर जेट निर्माताओं जैसे Lockheed Martin और Dassault Aviation की चिंता बढ़ा दी है। वजह है—एक ऐसा फाइटर जेट, जिसे बिना किसी पायलट के अकेले ऑपरेट किया जा सकता है।
तुर्की द्वारा स्टेल्थ मानवरहित लड़ाकू विमान Bayraktar Kizilelma को प्रदर्शित किए जाने के बाद अब United States of America भी एक ऐसे पायलट-रहित फाइटर जेट को अपनाने जा रहा है, जो हथियार ले जा सकता है और मिसाइलों से लक्ष्यों पर हमला कर सकता है।
YFQ-44A “Fury” क्या है?
YFQ-44A “Fury” जिसे Anduril Industries ने विकसित किया है—एक जेट-इंजन से लैस मानवरहित लड़ाकू विमान (UCAV) है। इसे अमेरिकी वायुसेना के Collaborative Combat Aircraft (CCA) कार्यक्रम के तहत तैयार किया गया है।
खास बात यह है कि अमेरिकी वायुसेना ने महज दो साल पहले ही इस कार्यक्रम के लिए एंड्यूरिल इंडस्ट्रीज़ को चुना था और इतनी कम अवधि में कंपनी एक पूरी तरह काम करने वाला, तैनाती के लिए तैयार जेट विकसित करने में सफल रही है।
‘लॉयल विंगमैन’ की भूमिका
इस विमान को “लॉयल विंगमैन” के रूप में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। यानी यह मानव चालित फाइटर जेट्स के साथ मिलकर उड़ान भरेगा। इसमें F-35 Lightning II और F-22 Raptor जैसे उन्नत लड़ाकू विमान शामिल हैं, जो भविष्य के युद्धक फॉर्मेशन का हिस्सा होंगे।
YFQ-44A ने 31 अक्टूबर 2025 को अपनी पहली उड़ान भरी। इस उड़ान के दौरान इसने एक सेमी-ऑटोनॉमस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें बिना किसी प्रत्यक्ष पायलट हस्तक्षेप के विमान ने फ्लाइट कंट्रोल और थ्रॉटल मैनेजमेंट खुद संभाला।
पूरी तरह मानवरहित, कई भूमिकाओं में सक्षम
यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह मानवरहित है—इसमें कोई पायलट मौजूद नहीं होता। इसे इस तरह इंजीनियर किया गया है कि यह पहले से तय (प्री-प्रोग्राम्ड) मिशनों को स्वतंत्र रूप से अंजाम दे सके या फिर उच्च स्तर की मानवीय निगरानी में काम करे।
इसके संभावित मिशनों में शामिल हैं:
- खुफिया जानकारी एकत्र करना (Intelligence)
- निगरानी (Surveillance)
- टोही (Reconnaissance)
- इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर
- प्रत्यक्ष लड़ाकू अभियान
इन क्षमताओं के जरिए यह मानव चालित फाइटर जेट्स की सुरक्षा और ऑपरेशनल रेंज को काफी बढ़ा देता है।
बिना पायलट के ‘फाइटर’ दर्जा
YFQ-44A सैन्य विमानन में एक अहम बदलाव का संकेत देता है। यह उन शुरुआती विमानों में से है, जिसे बिना किसी मानव पायलट के बावजूद आधिकारिक तौर पर “फाइटर” का दर्जा दिया गया है। यह दिखाता है कि भविष्य का हवाई युद्ध अब मानव चालित और स्वायत्त/अर्ध-स्वायत्त प्रणालियों के संयुक्त उपयोग की ओर बढ़ रहा है।
हथियार और पेलोड क्षमता
परीक्षणों के दौरान YFQ-44A को उसके पंखों के नीचे निष्क्रिय (इनर्ट) AIM-120 AMRAAM मिसाइल ले जाते हुए देखा गया है। यह हथियार एकीकरण (Weapons Integration) और कैप्टिव-कैरी ट्रायल्स का हिस्सा था। इससे साफ संकेत मिलता है कि यह विमान मानक फाइटर-श्रेणी की एयर-टू-एयर मिसाइलों को बाहरी रूप से ले जाने में सक्षम है।
वर्तमान परीक्षण कॉन्फ़िगरेशन में हथियार और अन्य स्टोर्स पंखों के नीचे लगे हार्डप्वाइंट्स पर दिखाई देते हैं। फिलहाल इसमें कोई आंतरिक हथियार कक्ष (Internal Weapons Bay) नजर नहीं आता।
ओपन-सोर्स जानकारियों के अनुसार, इस विमान की अनुमानित पेलोड क्षमता करीब 400 से 500 किलोग्राम हो सकती है। इससे यह कई तरह के हथियार या सेंसर सिस्टम एक साथ ले जा सकता है। कॉन्सेप्ट डिज़ाइन और पेलोड से जुड़ी चर्चाएं यह भी संकेत देती हैं कि इसका आर्किटेक्चर मॉड्यूलर है यानी भविष्य में इसमें प्रिसीजन-गाइडेड म्यूनिशन्स, छोटे बम और एयर-टू-ग्राउंड या मल्टी-रोल हथियारों को भी जोड़ा जा सकेगा।
कुल मिलाकर, YFQ-44A “Fury” न सिर्फ अमेरिकी वायुसेना की क्षमताओं में बड़ा बदलाव लाने वाला विमान है, बल्कि यह पारंपरिक फाइटर जेट निर्माताओं के लिए भी एक नईऔर गंभीर चुनौती बनकर उभरा है।
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