पाकिस्तान सुपर लीग में बॉल टैंपरिंग विवाद से मचा हड़कंप, कैमरे में कैद घटना पर PCB का बयान
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में रविवार को खेले गए मुकाबले के दौरान बड़ा विवाद सामने आया, जब लाहौर कलंदर्स पर बॉल टैंपरिंग के आरोप लगे। यह मैच कराची किंग्स के खिलाफ खेला गया था, जिसमें पाकिस्तानी बल्लेबाज फखर जमान को इस मामले में मुख्य आरोपी..
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में रविवार को खेले गए मुकाबले के दौरान बड़ा विवाद सामने आया, जब लाहौर कलंदर्स पर बॉल टैंपरिंग के आरोप लगे। यह मैच कराची किंग्स के खिलाफ खेला गया था, जिसमें पाकिस्तानी बल्लेबाज फखर जमान को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने बयान में कहा, “मैच रेफरी रोशन महानामा की अध्यक्षता में हुई अनुशासनात्मक सुनवाई में फखर जमान ने आरोपों से इनकार किया है। अगले 48 घंटों के भीतर एक और सुनवाई होगी, जिसके बाद मैच रेफरी अपना फैसला सुनाएंगे।”
अगर फखर दोषी पाए जाते हैं, तो लेवल-3 अपराध के तहत न्यूनतम सजा एक मैच का प्रतिबंध हो सकती है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब मैच के अंतिम ओवर में कराची को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे। लाहौर के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी, फखर जमान और तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ओवर से पहले चर्चा कर रहे थे और इस दौरान तीनों खिलाड़ियों ने गेंद को छुआ।
This is so Shameful
pic.twitter.com/DqTWMk1Mbg — Ehtisham Siddique (@iMShami_) March 29, 2026
मैदान पर मौजूद अंपायर फैसल अफरीदी ने गेंद की जांच की और दूसरे अंपायर शरफुद्दौला से लंबी बातचीत की। इसके बाद अंपायरों ने फैसला सुनाया कि गेंद के साथ छेड़छाड़ की गई है और कराची किंग्स को 5 पेनल्टी रन दे दिए गए।
मैच का टर्निंग पॉइंट
पेनल्टी मिलने के बाद कराची को आखिरी ओवर में 9 रन चाहिए थे। पहली ही गेंद पर खुशदिल शाह आउट हो गए, लेकिन इसके बाद हारिस रऊफ ने एक वाइड गेंद फेंकी। फिर अब्बास अफरीदी ने चौका और छक्का लगाकर कराची को 19.3 ओवर में 4 विकेट से जीत दिला दी।
विवाद पर बहस तेज
इस घटना के बाद अंपायरिंग की निष्पक्षता और तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों का मानना है कि गेंद को कई खिलाड़ियों और अधिकारियों ने छुआ था, ऐसे में किसी एक खिलाड़ी को दोषी ठहराना मुश्किल है।
आगे क्या होगा?
PCB अब हाई-डेफिनिशन फुटेज और मैच रेफरी की रिपोर्ट की गहराई से जांच करेगा। अगली सुनवाई में यह तय किया जाएगा कि गेंद की स्थिति वास्तव में जानबूझकर बदली गई थी या नहीं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
क्रिकेट इतिहास में बॉल टैंपरिंग के मामलों में कड़ी सजा दी जाती रही है। डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ को भी ऐसे ही मामले में लंबा प्रतिबंध झेलना पड़ा था।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या फखर जमान, शाहीन शाह अफरीदी और हारिस रऊफ पर भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई होगी या नहीं।
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