ईरान युद्ध में पहली बार इस्तेमाल हुई PrSM मिसाइलें, जानिए क्या हैं ये प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलें
ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने पहली बार Precision Strike Missile (PrSM) का युद्ध में इस्तेमाल किया है। यह जानकारी US Central Command (CENTCOM) ने दी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये मिसाइलें किस स्थान से दागी गईं..
ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने पहली बार Precision Strike Missile (PrSM) का युद्ध में इस्तेमाल किया है। यह जानकारी US Central Command (CENTCOM) ने दी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये मिसाइलें किस स्थान से दागी गईं और ईरान में किन खास ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका और Israel लगातार Iran पर हमले कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना बताया गया है। इस बीच ईरान ने भी इज़रायल और खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए हैं।
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ में पहली बार इस्तेमाल
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “इतिहास में पहली बार लंबी दूरी की Precision Strike Missile (PrSM) का युद्ध में इस्तेमाल Operation Epic Fury के दौरान किया गया।”
CENTCOM के कमांडर Brad Cooper ने कहा कि सेना के जवान नई तकनीक का इस्तेमाल कर दुश्मन के सामने रणनीतिक चुनौतियां पैदा कर रहे हैं और उन्हें इस पर गर्व है।
जारी किए गए वीडियो में रेगिस्तानी इलाके में M142 HIMARS (हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम) से PrSM मिसाइल दागते हुए देखा गया।
क्या हैं प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM)
Precision Strike Missile (PrSM) लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली आधुनिक मिसाइलें हैं। इन्हें अमेरिकी रक्षा कंपनी Lockheed Martin ने विकसित किया है।
- पहली PrSM मिसाइलें दिसंबर 2023 में अमेरिकी सेना को सौंपी गई थीं।
- इनकी मारक क्षमता लगभग 60 किलोमीटर से लेकर 499 किलोमीटर से अधिक तक बताई जाती है।
- इन मिसाइलों को M142 HIMARS और M270 Multiple Launch Rocket System जैसे लॉन्चर से दागा जा सकता है।
- इन प्रणालियों का इस्तेमाल अमेरिका और United Kingdom की सेनाएं भी करती हैं।
पहले हफ्ते में 3000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले
CENTCOM के अनुसार युद्ध के पहले सात दिनों में अमेरिकी सेना ने 3,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया।
इन हमलों में मुख्य रूप से निम्नलिखित ठिकानों को निशाना बनाया गया:
- ईरान के सैन्य नेतृत्व से जुड़े ठिकाने
- रक्षा प्रणाली और सैन्य अड्डे
- नौसेना के जहाज
रिपोर्टों के मुताबिक पहले सप्ताह में कम से कम 43 ईरानी जहाज क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दिए गए। इसके अलावा Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े कई ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जो ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य शाखाओं में से एक मानी जाती है।
ट्रंप ने मांगा ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ कोई समझौता तभी होगा जब वह “बिना शर्त आत्मसमर्पण” करेगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में बमबारी अभियान और तेज हो सकता है।
उधर Israel ने भी शनिवार सुबह राजधानी Tehran में बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू करने का दावा किया है। इन हमलों के दौरान शहर के पश्चिमी हिस्से में कई धमाके और धुएं के बड़े गुबार देखे गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीक वाली मिसाइलों के इस्तेमाल से यह युद्ध और अधिक खतरनाक और व्यापक रूप ले सकता है।
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