ट्रंप के ‘बिनाशर्त समर्पण’ बयान से वैश्विक बाजारों में हलचल, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। ट्रंप ने ईरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग की, जिसके बाद तेल बाजार और शेयर बाजार दोनों में तेज प्रतिक्रिया देखने को..
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। ट्रंप ने ईरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग की, जिसके बाद तेल बाजार और शेयर बाजार दोनों में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं। कीमतों में 11.5 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई और इस सप्ताह कुल मिलाकर लगभग 35 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।
इससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
वॉल स्ट्रीट में गिरावट
तेल कीमतों में उछाल और युद्ध की आशंका के कारण अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट आई।
- Dow Jones Industrial Average लगभग 2 प्रतिशत गिर गया।
- S&P 500 में करीब 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई।
- Nasdaq Composite भी लगभग 1.6 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
इस दौरान वॉल स्ट्रीट के ट्रेडरों में भारी बेचैनी देखी गई।
ट्रंप का सख्त संदेश
Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, सिवाय बिना शर्त आत्मसमर्पण के। इसके बाद एक महान और स्वीकार्य नेता का चयन होगा और हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान की अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे।”
तेल 150 डॉलर तक पहुंचने की आशंका
इस बीच Saad al-Kaabi, जो Qatar के ऊर्जा मंत्री हैं, ने चेतावनी दी कि तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दे सकती है।
उन्होंने कहा कि अगर Strait of Hormuz में बाधा आती है तो तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी
अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत भी बढ़कर 3.25 डॉलर प्रति गैलन हो गई है, जो पिछले सप्ताह के मुकाबले लगभग 27 सेंट अधिक है।
ईरान नेतृत्व को लेकर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान में नए नेतृत्व के चयन में अमेरिका की भूमिका होनी चाहिए। हाल ही में अमेरिका और Israel के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और कई वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं।
हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट किया कि खामेनेई के बेटे Mojtaba Khamenei को नया नेता बनाए जाने का विकल्प “स्वीकार्य नहीं” है।
युद्ध अभियान और अमेरिकी लक्ष्य
व्हाइट हाउस के अनुसार ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान Operation Epic Fury का उद्देश्य है:
- ईरानी नौसेना को कमजोर करना
- परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना
- क्षेत्र में ईरान समर्थित संगठनों को समाप्त करना
- बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन क्षमता को नष्ट करना
Pentagon के मुताबिक अमेरिका अब तक ईरान के 2,000 से अधिक ठिकानों पर हमले कर चुका है और कम से कम 24 नौसैनिक जहाजों को नष्ट किया जा चुका है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
जवाब में Iran ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कई पड़ोसी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों से Saudi Arabia, Qatar, United Arab Emirates, Kuwait, Israel, Jordan और Oman भी प्रभावित हुए हैं।
ईरान में किस तरह की सरकार होगी?
Donald Trump ने CNN से बातचीत में कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि ईरान में लोकतांत्रिक सरकार बने या नहीं।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता ऐसे नेता को चुनना है जो अमेरिका और इज़रायल के साथ अच्छे संबंध रखे और मध्य पूर्व के अन्य देशों के साथ सहयोग करे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और शेयर बाजारों पर लंबे समय तक पड़ सकता है।
What's Your Reaction?