RBI ने 2024-25 में बेचे करीब 400 अरब डॉलर, पिछली बार की तुलना में कई गुना ज़्यादा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 398.71 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बेची, जो अब तक की सबसे अधिक वार्षिक बिक्री है। यह कदम RBI ने डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये को संभालने ..
नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 398.71 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बेची, जो अब तक की सबसे अधिक वार्षिक बिक्री है। यह कदम RBI ने डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये को संभालने और वैश्विक अस्थिरता के माहौल में मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया।
पिछले वर्षों से तुलना:
- 2023-24 में बेचे गए डॉलर: 153.03 अरब डॉलर
- 2022-23 (पिछला रिकॉर्ड): 212.57 अरब डॉलर
- 2024-25 में: 398.71 अरब डॉलर (स्पॉट मार्केट में)
हालांकि RBI ने इस दौरान भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खरीदी भी, जिसके चलते पूरे साल के दौरान शुद्ध बिक्री 34.51 अरब डॉलर रही। यह आंकड़ा पिछले तीन दशकों में सिर्फ सातवीं बार है जब RBI ने शुद्ध रूप से बिक्री की है, यानी जितना खरीदा उससे ज़्यादा बेचा।
यह शुद्ध बिक्री 2008-09 की वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान की गई $34.92 अरब की बिक्री के बाद दूसरी सबसे बड़ी है।
2024-25: एक अशांत वर्ष
बीते दो वर्षों तक रुपया अपेक्षाकृत स्थिर रहा, लेकिन 2024-25 के दूसरे अर्धवार्षिक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने की प्रबल संभावनाओं ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी। इसके चलते अमेरिकी डॉलर मज़बूत हुआ और भारतीय रुपया फरवरी 2025 में ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर 87.95 प्रति डॉलर तक गिर गया।
इस स्थिति से निपटने के लिए RBI ने..
- दिसंबर 2024 में अकेले $69.05 अरब डॉलर बेचे – जो किसी एक महीने की अब तक की सबसे बड़ी बिक्री है।
- पूरे वित्त वर्ष 2024-25 की 73% यानी $291.03 अरब डॉलर की बिक्री केवल दूसरी छमाही में की गई।
रिजर्व में गिरावट और ब्याज दरों में राहत
रुपये को संभालने की इस मुहिम का असर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर भी पड़ा..
- सितंबर 2024 के अंत से जनवरी 2025 के मध्य तक भंडार में करीब $80 अरब की गिरावट आई।
- कुल भंडार घटकर $625 अरब डॉलर से भी नीचे पहुंच गया।
RBI ने दिसंबर 2024 में विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बैंक) जमा [FCNR(B)] पर बैंकों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर की सीमा को 150 आधार अंक (1.5%) तक बढ़ा दिया था, ताकि अधिक पूंजी प्रवाह आकर्षित किया जा सके।
लेकिन RBI के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक
- 2024-25 में FCNR(B) से आया कुल प्रवाह: $7.08 अरब
- 2023-24 में: $6.37 अरब
यानी राहत उपाय का असर बहुत मामूली रहा।
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