राम मंदिर दान घोटाला: SIT के शिकंजा कसते ही आरोपियों ने मिटाने की कोशिश की डिजिटल सबूत, सामने आए नये खुलासे
अयोध्या के राम मंदिर दान गबन मामले में गिरफ्तार आरोपियों की तीन दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। इसी बीच जांच में नए खुलासे सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि आरोपियों ने कथित तौर पर मामले से जुड़े डिजिटल सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की..
अयोध्या के राम मंदिर दान गबन मामले में गिरफ्तार आरोपियों की तीन दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। इसी बीच जांच में नए खुलासे सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि आरोपियों ने कथित तौर पर मामले से जुड़े डिजिटल सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की थी। दूसरी ओर, आरोपियों को कानूनी प्रतिनिधित्व हासिल करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
डिजिटल सबूत मिटाने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच तेज की, कई आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट और अन्य महत्वपूर्ण डेटा डिलीट कर दिया। वहीं कुछ आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन को पूरी तरह फॉर्मेट कर दिया, ताकि जांच एजेंसियों से अहम डिजिटल सबूत छिपाए या नष्ट किए जा सकें।
आठों आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी
रविवार को पुलिस ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। स्थानीय मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में पुलिस टीमों ने लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामाशंकर यादव समेत सभी आरोपियों के आवासों की तलाशी ली। यह कार्रवाई उस अदालत के आदेश के दो दिन बाद की गई, जिसमें सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब सोमवार को अदालत में पेशी के दौरान पुलिस आरोपियों की रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि उनसे आगे की पूछताछ की जा सके।
एसआईटी रिपोर्ट के बाद हुई थी गिरफ्तारी
विशेष जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार, 25 जून को सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। प्राथमिकी (एफआईआर) में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। ये सभी राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए नकदी और बहुमूल्य वस्तुओं की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे।
ट्रस्ट में भी बड़ी कार्रवाई
मामले में गिरफ्तारियों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। ट्रस्ट ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि राम मंदिर दान से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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