ईरान में नागरिकों की मौत पर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग, मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने ईरान के खिलाफ कथित अपराधों को लेकर अमेरिका और इजरायल के विरुद्ध देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों देशों की कार्रवाई में नवजात शिशुओं, बुजुर्गों और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई निर्दोष नागरिकों की जान..
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने ईरान के खिलाफ कथित अपराधों को लेकर अमेरिका और इजरायल के विरुद्ध देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों देशों की कार्रवाई में नवजात शिशुओं, बुजुर्गों और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई निर्दोष नागरिकों की जान गई है।
अपने बयान में खामेनेई ने कहा कि "अमेरिका-ज़ायोनी दुश्मन" के नेताओं द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयान और स्वीकारोक्ति ऐसे सबूत हैं, जिनके आधार पर ईरान अदालतों में न्याय की मांग कर सकता है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
खामेनेई ने कहा कि ईरान के खिलाफ किए गए हर अपराध चाहे वह आम नागरिकों की हत्या हो या देश के शीर्ष नेताओं की शहादत को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी कार्रवाई का विषय बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ अमेरिकी और इजरायली नेताओं ने सैन्य कार्रवाई को स्वीकार या उसका समर्थन करते हुए जो बयान दिए हैं, वे वस्तुतः अपराध स्वीकार करने के समान हैं।
From murdering newborns to our dear elderly population - & above all, the martyrdom of the peerless, unique gem of our era, our magnanimous, mujahid Leader - is each a file among thousands of major legal cases that must be earnestly pursued in domestic & international courts. — Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) June 28, 2026
उनके अनुसार, ये बयान ईरान के कानूनी पक्ष को मजबूत करेंगे और अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में ईरानी जनता के अधिकारों के उल्लंघन के मामले को साबित करने में सहायक होंगे।
30 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर रहेगा ईरान का नियंत्रण
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगले 30 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी केवल ईरान के पास रहेगी। इराक दौरे के दौरान अराघची ने बताया कि उन्होंने हालिया ईरान संघर्ष और तेहरान-वॉशिंगटन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) से जुड़े घटनाक्रमों की जानकारी इराकी अधिकारियों को दी है।
The confessions and even brazen boasting of some of the leaders of the US-Zionist enemy regarding these crimes, are indisputably an admission of crime, and these effectively pave the way for the vindication of the [Iranian] nation's rights that have been violated. — Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) June 28, 2026
उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के प्रबंधन का अधिकार केवल इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के पास है और इस अवधि में किसी अन्य देश को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। अराघची ने कहा कि शेष बाधाएं दूर होते ही ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सामान्य संचालन की स्थिति में लाने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अन्य देश एकतरफा हस्तक्षेप करता है, तो इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा तथा दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक को दोबारा पूरी तरह खोलने की प्रक्रिया में देरी होगी।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका मौजूदा युद्धविराम का उल्लंघन करता है तो ईरान पहले से अधिक ताकत के साथ जवाब देने के लिए तैयार है। इस चेतावनी ने एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र की नाजुक सुरक्षा स्थिति को उजागर कर दिया है।
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