करोड़पति राजस्व अधिकारी बेनकाब; 41 प्लॉट और 50 करोड़ से अधिक की संपत्तियाँ उजागर

कानपुर में एक राजस्व अधिकारी के पास 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिलने का खुलासा हुआ है। हाल के वर्षों में जिले में यह अवैध संपत्ति का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है..

करोड़पति राजस्व अधिकारी  बेनकाब; 41 प्लॉट और 50 करोड़ से अधिक की संपत्तियाँ उजागर
01-10-2025 - 04:50 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

लखनऊ। कानपुर में एक राजस्व अधिकारी के पास 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिलने का खुलासा हुआ है। हाल के वर्षों में जिले में यह अवैध संपत्ति का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है।

अधिकारी आलोक दुबे राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे लेकिन जांच में 41 संपत्तियों का खुलासा होने के बाद उन्हें पदावनत कर दिया गया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, दुबे ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भूमि अभिलेखों में हेरफेर, ग़ैरकानूनी बिक्री पत्र तैयार करने और विवादित संपत्तियों पर विरासत दर्ज कराने जैसे काम किए। एडीएम (न्यायिक), एसडीएम (सदर) और एसीपी की संयुक्त जांच समिति ने पाया कि उन्होंने सिंहपुर कठार और रामपुर भीमसेन में दो विवादित भूखंडों पर लेन-देन कराया। इनमें से एक भूखंड बाद में निजी कंपनी आरएनजी इंफ्रा को बेचा गया, जिससे पूरा घोटाला सामने आया।

मार्च 2025 में कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद विभागीय जांच में उनके खिलाफ चार बड़े आरोपों की पुष्टि हुई। अगस्त में हुई व्यक्तिगत सुनवाई में जांच अधिकारी ने यह निष्कर्ष निकाला कि दुबे वर्षों से बिना अनुमति भूमि सौदों में शामिल थे, जो सिविल सेवा आचार संहिता का उल्लंघन है।

बाद में पंजीकरण के सहायक महानिरीक्षक की रिपोर्ट में बताया गया कि दुबे, उनकी पत्नी और बच्चों के नाम पर कानपुर, दिल्ली और नोएडा में 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियाँ दर्ज हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन संपत्तियों की वास्तविक कीमत इससे भी कहीं अधिक हो सकती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुबे को आगामी रिंग रोड परियोजना की अंदरूनी जानकारी थी। इसी कारण उन्होंने दुल गांव और आसपास के क्षेत्रों में करीब 56 संपत्तियाँ पहले ही खरीद लीं।

कानपुर के जिलाधिकारी ने आदेश में कहा कि भूमि अभिलेखों से छेड़छाड़ जनता के विश्वास को तोड़ती है, इसलिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। दुबे के पदावनत होने के साथ ही क्षेत्रीय अधिकारी अरुणा द्विवेदी की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि राजस्व विभाग में किसी भी अधिकारी के खिलाफ यदि धोखाधड़ी या मिलीभगत साबित होती है, तो उसके खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।