यूपी के 5 जिलों में एनआईए के छापे: बीएचयू की छात्रा के यहां भी दबिश, खंगाले जा रहे नक्सली कनेक्शन
<p><em><strong>टेरर फंडिंग मामले में एनआईए का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी सीपीआई मामले में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, आजमगढ़ और देवरिया जिलों में 8 स्थानों पर तलाशी की गई है।</strong></em></p>
केन्द्रीय जांच एजेंसी एनआईए द्वारा एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, आजमगढ़ और देवरिया जिलों में 8 स्थानों पर तलाशी की जा र ही है। सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश में नक्सल गतिविधियों से संबंधित एक मामले में आगे की तफ्तीश के लिए एनआईए की टीम पहुंची है। चन्दौली में भी जांच टीम की बड़ी कार्रवाई चल रही है।
सूत्रों के मुताबित भगत सिंह छात्र मोर्चा की सदस्य और बीएचयू की छात्रा आकांक्षा से भी पूछताछ हो रही है। दिल्ली से आई टीम ने महामना स्थित छात्रा के आवास पर जांच की है। देवरिया के उमा नगर कस्बे में एनआईए ने छापेमारी की है। जांच टीम ने जनवादी क्रांति दल के राष्ट्रीय महासचिव हैं डॉ. रामनाथ चैहान के घर दबिश दी। डॉ. चैहान घोषी उपचुनाव में सपा का प्रचार कर रहे थे। टीम सुबह 5 बजे उनके घर पहुंची, लेकिन उस वक्त वे घर पर मौजूद नहीं थे। डॉ. रामनाथ बीएसपी से भी जुड़े रहे हैं। फिलहाल घर में मौजूद परिवार के दूसरे लोगों से पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसी की बड़ी कार्रवाई
दरअसल यह मामला नक्सल गतिविधियों से संबंधित मामलों से जुड़ा हुआ है। लिहाजा इस मामले में जांच एजेंसी ने 8 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया। जांच एजेंसी ने मंगलवार सुबह 6 बजे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, चंदौली, देवरिया, वाराणसी, आजमगढ़ में कई आरोपियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया।
जनवरी में एनआईए ने दर्ज किया था मामला
पिछले साल 2022 में जांच एजेंसी एनआईए को कुछ महत्वपूर्ण इनपुट्स मिले थे। उस वक्त जांच एजेंसी को ये जानकारी मिली थी कि उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में नक्सल गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए कुछ संदिग्ध लोगों के द्वारा कई कार्यक्रम और युवाओं को भड़काने जैसी गतिविधियां चल रही है। लिहाजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए के द्वारा शुरुआती तौर पर कुछ इनपुट्स इकट्ठा किया गया, जिसके आधार पर एनआईए ने इसी साल 2013 में जनवरी महीने में एनआईए के लखनऊ जोन में एक एफआईआर दर्ज की। इस मामले को दर्ज करने के बाद लखनऊ ब्रांच की टीम ने नक्सल गतिविधियों को अंजाम देने वाले आरोपियों का वाराणसी, आजमगढ़, चंदौली, प्रयागराज इत्यादि कई लोकेशन से जुड़ा कनेक्शन सामने आया, जिसके बाद मंगलवार पांच सितंबर को सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। एनआईए के सूत्र के मुताबिक इस मामले में की गई सर्च ऑपरेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूतों को इकट्ठा किया गया। जल्द ही उसके बारे में औपचारिक तौर पर जांच एजेंसी द्वारा खुलासा भी किया जाएगा।
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