रिजिजू की चेतावनी सच हुई: विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने एक ही दिन में पारित किए 8 विधेयक

संसद ने सोमवार को एक ही दिन में आठ विधेयक पारित कर दिए, यह संकेत देते हुए कि सरकार विपक्ष के सहयोग का इंतजार किए बिना अपना विधायी एजेंडा आगे बढ़ाएगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर बार-बार हो रहे व्यवधानों ने आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं..

रिजिजू की चेतावनी सच हुई: विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने एक ही दिन में पारित किए 8 विधेयक
12-08-2025 - 02:34 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। संसद ने सोमवार को एक ही दिन में आठ विधेयक पारित कर दिए, यह संकेत देते हुए कि सरकार विपक्ष के सहयोग का इंतजार किए बिना अपना विधायी एजेंडा आगे बढ़ाएगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर बार-बार हो रहे व्यवधानों ने आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा।

रिजिजू ने पत्रकारों से कहा, “देश और संसद का समय हर दिन एक ही मुद्दे पर बर्बाद नहीं किया जा सकता। इसलिए हम महत्वपूर्ण विधेयक पारित करेंगे।” उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे विधायी कार्य के बजाय केवल “हेडलाइन मैनेजमेंट” में रुचि रखते हैं।

दोनों सदनों में पारित विधेयक

लोकसभा में चार विधेयक पारित हुए:

  • राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक (The National Sports Governance Bill)
  • राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक (The National Anti-Doping (Amendment) Bill)
  • आयकर (संख्या 2) विधेयक (The Income-Tax (No 2) Bill)
  • कराधान कानून (संशोधन) विधेयक (The Taxation Laws (Amendment) Bill)

राज्यसभा में पारित हुए:

  • गोवा राज्य की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुन: समायोजन विधेयक (The Readjustment of Representation of Scheduled Tribes in Assembly Constituencies of the State of Goa Bill)
  • वाणिज्यिक नौवहन विधेयक (The Merchant Shipping Bill)

इसके अलावा, राज्यसभा ने मणिपुर विनियोग विधेयक (The Manipur Appropriation Bill) और मणिपुर जीएसटी (संशोधन) विधेयक (The Manipur GST (Amendment) Bill) भी वापस लोकसभा को भेज दिए, जिन्हें लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी थी।

बिहार मतदाता सूची को लेकर विपक्ष का विरोध
विपक्ष बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के संशोधन पर चर्चा की मांग कर रहा है, आरोप है कि इसमें अनियमितताएं हुई हैं। सरकार ने यह कहकर इनकार किया कि संसद में एक संवैधानिक संस्था—निर्वाचन आयोग—के कामकाज पर बहस नहीं हो सकती।लरिजिजू ने कहा, “आपने मुद्दा एक दिन उठाया, ठीक है। लेकिन, रोज एक ही मुद्दा उठाने का क्या मतलब?”

मानसून सत्र समय से पहले खत्म करने के संकेत
21 जून से शुरू हुआ मानसून सत्र 21 अगस्त तक चलना तय है, लेकिन अब तक 14 दिन व्यवधानों की भेंट चढ़ चुके हैं। केवल दो दिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा हुई। रिजिजू ने संकेत दिया कि अगर गतिरोध जारी रहा तो सरकार सत्र को समय से पहले समाप्त करने पर विचार कर सकती है।

विपक्ष की रणनीति पर तीखी आलोचना
रिजिजू ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी सांसदों ने निजी तौर पर स्वीकार किया है कि उन्हें रोज कार्यवाही बाधित करने के लिए अपने नेताओं से निर्देश मिल रहे हैं। उन्होंने पूछा, “अगर आप रोज व्यवधान डालेंगे तो जनता की सेवा कैसे करेंगे?”
उन्होंने विपक्षी दलों पर सुप्रीम कोर्ट, निर्वाचन आयोग और संसद जैसे संस्थानों पर ‘भरोसा न करने’ का आरोप लगाया।

विपक्ष के EC मार्च पर टिप्पणी
विपक्ष के प्रस्तावित निर्वाचन आयोग मार्च पर टिप्पणी करते हुए रिजिजू ने कहा कि आयोग ने 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया है, जिसमें प्रत्येक दल से दो प्रतिनिधि होंगे। उन्होंने तंज कसा, “अगर वे अपने नेता तय नहीं कर सकते तो फिर निर्वाचन आयोग से मिलने का समय क्यों मांग रहे हैं? अब खड़गे कह रहे हैं कि पूरा विपक्ष वीआईपी है। क्या सभी 150 सदस्य सीईसी के कमरे में जाएंगे?”

विपक्ष से अंतिम अपील
रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से बहस में हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा कि उनके पास अब भी संशोधन लाने, असहमति नोट देने और अपने विचार रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “बाद में यह न कहें कि आपको भाग लेने का मौका नहीं दिया गया।” साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विधेयक पारित करने का काम, विपक्ष के साथ या बिना, जारी रखेगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।