₹4.75 करोड़..! युजवेंद्र चहल को पत्नी धनश्री वर्मा को तलाक में देना होगा इतना गुज़ारा भत्ता

भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा की तलाक की प्रक्रिया को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13B के तहत आवश्यक 6 महीने की "कूलिंग-ऑफ" अवधि को माफ कर दिया है, जिससे तलाक की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जा सके।

₹4.75 करोड़..! युजवेंद्र चहल को पत्नी धनश्री वर्मा को तलाक में देना होगा इतना गुज़ारा भत्ता
20-03-2025 - 09:16 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा की तलाक की प्रक्रिया को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13B के तहत आवश्यक 6 महीने की "कूलिंग-ऑफ" अवधि को माफ कर दिया है, जिससे तलाक की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जा सके।

क्या कहा हाईकोर्ट ने?

न्यायमूर्ति माधव जामदार ने फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि चूंकि चहल को आगामी आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में भाग लेना है, इसलिए 20 मार्च तक तलाक याचिका पर निर्णय दिया जाए।

"याचिकाकर्ता नंबर 1 (चहल) आईपीएल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी हैं। वकील ने सूचित किया है कि वह 21 मार्च के बाद उपलब्ध नहीं होंगे। इसलिए फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया जाता है कि वह 20 मार्च तक फैसला सुनाए।"

 चहल और धनश्री का वैवाहिक इतिहास

  • विवाह: दिसंबर 2020
  • अलगाव: जून 2022
  • संयुक्त तलाक याचिका दाखिल: 5 फरवरी 2024
  • तलाक की मांग: आपसी सहमति से
  • कूलिंग-ऑफ पीरियड माफी की अर्जी: साथ में लगाई गई थी

 कितना गुज़ारा भत्ता देना होगा?

  • चहल और धनश्री ने ₹4.75 करोड़ के गुज़ारा भत्ते (alimony) पर आपसी सहमति जताई थी।
  • अब तक चहल ₹2.37 करोड़ का भुगतान कर चुके हैं।
  • बची हुई राशि तलाक का अंतिम आदेश मिलने के बाद दी जाएगी — यही बात कोर्ट में तय हुई थी।

 फैमिली कोर्ट का पहले का फैसला और हाईकोर्ट का पलटाव

  • 20 फरवरी को फैमिली कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी क्योंकि उस समय तक पूरा अलिमनी भुगतान नहीं हुआ था।
  • साथ ही मैरिज काउंसलर की रिपोर्ट में भी कहा गया कि मध्यस्थता की प्रक्रिया का पूर्ण पालन नहीं हुआ
  • इसके खिलाफ दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट में अपील की।

हाईकोर्ट ने माना कि सहमति की शर्तों का पालन हुआ है, क्योंकि बची हुई राशि तलाक आदेश के बाद देनी थी, इसलिए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया गया।

 कानूनी दृष्टिकोण

  • धारा 13B(2) के अनुसार, आपसी सहमति से तलाक की याचिका दाखिल होने के 6 महीने बाद ही सुनवाई हो सकती है
  • लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के 2017 के फैसले के अनुसार, अगर सुलह की कोई संभावना नहीं हो और दोनों पक्ष पूर्ण सहमति में हों, तो यह अवधि माफ की जा सकती है

अब हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, फैमिली कोर्ट को 20 मार्च तक तलाक का निर्णय देना है, और चहल को ₹4.75 करोड़ का अलिमनी भुगतान धनश्री को करना है — जिसमें से लगभग आधा पहले ही भुगतान किया जा चुका है।

यह फैसला दर्शाता है कि कैसे न्यायालय खिलाड़ी की पेशेवर प्रतिबद्धताओं और वैवाहिक विवादों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।