‘SIR यानी सर्वनाश’: ममता बनर्जी का बड़ा आरोप.. बोलीं, भाजपा ने AI का इस्तेमाल कर 54 लाख वोटरों के नाम हटवाए

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी ने चुनाव से पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल कर 54 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवा दिए। सोशल मीडिया पर “डिजिटल हेरफेर” और फर्जी वीडियो से लोगों को सावधान करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह पूरा अभियान नागरिकों से उनके मताधिकार छीनने के..

‘SIR यानी सर्वनाश’: ममता बनर्जी का बड़ा आरोप.. बोलीं, भाजपा ने AI का इस्तेमाल कर 54 लाख वोटरों के नाम हटवाए
31-12-2025 - 12:14 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी ने चुनाव से पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल कर 54 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवा दिए। सोशल मीडिया पर “डिजिटल हेरफेर” और फर्जी वीडियो से लोगों को सावधान करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह पूरा अभियान नागरिकों से उनके मताधिकार छीनने के लिए चलाया जा रहा है।

बांकुड़ा जिले के बारजोड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, सोशल मीडिया पर हर वीडियो पर भरोसा मत कीजिए। आज AI का जमाना है। वे (भाजपा) AI की मदद से 54 लाख वोटरों के नाम काट चुके हैं। देख लीजिए भाजपा क्या कर रही है। डुप्लीकेट नाम बनाए जा रहे हैं, ताकि आपके वोटिंग अधिकार छीने जा सकें। जब आप मतदान केंद्र जाएंगे तो पाएंगे कि आप वोट नहीं डाल सकते, क्योंकि आपके ही नाम से कोई और वोट डाल चुका होगा। आंख-कान खुले रखिए। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) यानी आपका सर्वनाश।”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल की मतदाता सूची से 1.5 करोड़ नाम हटाने की तैयारी में है और यह भी दावा किया कि बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को सुनवाई वाले मतदान केंद्रों के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा, व्हाट्सएप के जरिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अगर आप (चुनाव आयोग) में हिम्मत है तो हमें लिखित में दीजिए। हम जनता की अदालत और कानून की अदालत में न्याय के लिए जाएंगे।”

ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा लगाए गए SIR शिविरों में BLAs से डटे रहने और SIR सुनवाई के लिए बुलाए गए लोगों को हर तरह की मदद देने की अपील भी की।

उन्होंने कहा, पुरुलिया के एक बुजुर्ग का क्या अपराध था? उन्हें कल SIR की सुनवाई के लिए बुलाया गया। इस अपमान से आहत होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। क्या आपको जरा भी सहानुभूति नहीं है? अगर आपके माता-पिता को सुनवाई के लिए बुलाया जाता तो क्या आपको शर्म नहीं आती? 95 साल की महिला को सुनवाई के लिए कैसे बुलाया जा सकता है, वह भी ऐसे कार्यालय में जहां सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं? उनसे भी नागरिकता का प्रमाण मांगा जा रहा है। शर्म कीजिए और SIR के नाम पर बंगाल के लोगों को परेशान करना बंद कीजिए।”

बंगाल में SIR: 58 लाख नाम हटे

पश्चिम बंगाल में मतदाता आधार में दशकों का सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत जारी प्रारंभिक मतदाता सूची में 58 लाख से अधिक नाम गायब पाए गए हैं।

मंगलवार को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची के अनुसार, राज्य के मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई है।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि नाम हटाने के कारणों में मृत्यु, स्थायी पलायन, डुप्लीकेट प्रविष्टियां और गणना फॉर्म जमा न करना शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम सूची में फिर से नाम जोड़े जा सकते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।