भारत ने जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल किया, 2030 तक तीसरे स्थान पर पहुंचने की तैयारी
दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में घोषणा की कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल..
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में घोषणा की कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। मजबूत आर्थिक वृद्धि के आधार पर भारत वर्ष 2030 तक जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है।
विज्ञप्ति में कहा गया, “4.18 ट्रिलियन डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के साथ भारत ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लिया है और 2030 तक अनुमानित 7.3 ट्रिलियन डॉलर GDP के साथ अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को भी पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंचने की स्थिति में है।”
GDP के आधार पर संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन वर्तमान में दुनिया की पहली और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं।
भारत की विकास कहानी को क्या दे रहा है रफ्तार?
केंद्र सरकार ने अपनी हालिया विज्ञप्ति में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई–सितंबर तिमाही में GDP वृद्धि छह तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वैश्विक व्यापार में जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती और लचीलापन दिखाया है।
भारत की वृद्धि का प्रमुख आधार घरेलू मांग रही है, जिसमें निजी उपभोग ने GDP विस्तार को सहारा देने में केंद्रीय भूमिका निभाई। सरकार ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति निचली सहनशील सीमा से नीचे बनी हुई है, बेरोजगारी में गिरावट आई है और निर्यात प्रदर्शन में सुधार जैसे उच्च-आवृत्ति संकेतक भारत की विकास गति का समर्थन कर रहे हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया, “वित्तीय परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, वाणिज्यिक क्षेत्र को मजबूत ऋण प्रवाह मिल रहा है, जबकि मांग की स्थिति सुदृढ़ है, जिसे शहरी उपभोग में और मजबूती का समर्थन मिल रहा है।”
भारत की GDP वृद्धि दर
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक GDP 8.2% की दर से बढ़ी, जो पहली तिमाही के 7.8% और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 7.4% से अधिक है।
विज्ञप्ति के अनुसार, 2025-26 की दूसरी तिमाही में GDP का छह तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। इस विस्तार में मजबूत निजी उपभोग के नेतृत्व में घरेलू कारकों की निर्णायक भूमिका रही।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का भरोसा
केंद्र सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी भारत की विकास संभावनाओं पर भरोसा जताया है..
- विश्व बैंक: 2026 में 6.5% वृद्धि का अनुमान
- मूडीज: 2026 में 6.4% और 2027 में 6.5% वृद्धि; भारत को G20 की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया
- IMF: 2025 के लिए अनुमान बढ़ाकर 6.6% और 2026 के लिए 6.2%
- OECD: 2025 में 6.7% और 2026 में 6.2%
- S&P: चालू वित्त वर्ष में 6.5% और अगले में 6.7%
- एशियाई विकास बैंक (ADB): 2025 का अनुमान बढ़ाकर 7.2%
- फिच: मजबूत उपभोक्ता मांग के चलते FY26 के लिए अनुमान बढ़ाकर 7.4%
इन अनुमानों से स्पष्ट है कि भारत की अर्थव्यवस्था न केवल आकार में बढ़ रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर तेज, स्थिर और भरोसेमंद विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
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