सुनेत्र पवार आज महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में लेंगी शपथ
राज्यसभा सदस्य सुनेत्र पवार शनिवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रही हैं। एनसीपी (नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी) के नेताओं ने यह जानकारी ..
मुंबई। राज्यसभा सदस्य सुनेत्र पवार शनिवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रही हैं। एनसीपी (नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी) के नेताओं ने यह जानकारी दी है। वह अपने दिवंगत पति अजित पवार की जगह यह पद संभालेंगी, जिनका दो दिन पहले एक दुखद विमान हादसे में निधन हो गया था।
सुनेत्र पवार ने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद 18 जून 2024 को वह राज्यसभा सदस्य बनीं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शनिवार को उन्हें एनसीपी विधायक दल का नेता चुना जाएगा और इसके बाद वह उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी।
एनसीपी के 40 विधायक शनिवार दोपहर 2 बजे मुंबई के विधान भवन में बैठक कर अपने नेता का चुनाव करेंगे। इसके बाद चुना गया नेता राज्य का उपमुख्यमंत्री बनेगा। 62 वर्षीय सुनेत्र पवार के शाम 5 बजे मुंबई के लोक भवन में सादे समारोह में शपथ लेने की संभावना है।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सुनेत्र पवार को अजित पवार के पास रहे दो अहम मंत्रालय, खासकर वित्त मंत्रालय, सौंपे जाएंगे या नहीं। वह फिलहाल विधानसभा या विधान परिषद की सदस्य नहीं हैं, ऐसे में उन्हें या तो उपचुनाव लड़ना होगा या उच्च सदन के लिए नामित किया जाएगा। अजित पवार के बारामती विधानसभा क्षेत्र में भी अगले छह महीनों के भीतर उपचुनाव होना तय है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि पार्टी ने सुनेत्र पवार को विधायक दल का नेता और उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान हमने उनके (शपथ ग्रहण के लिए) उपलब्ध होने के बारे में पूछा और उन्होंने बताया कि वह शनिवार को उपलब्ध हैं। विधायक दल के नेता के चुनाव के बाद शपथ ग्रहण उसी दिन हो सकता है। हम सभी चाहते हैं कि सुनेत्र वहिनी विधायक दल का नेतृत्व करें।”
वरिष्ठ मंत्री माणिकराव कोकाटे ने भी सुनेत्र पवार का समर्थन करते हुए कहा, “सुनेत्र वहिनी ही विधायक दल का नेतृत्व करेंगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। हम सभी उन्हें हमारी ओर से सभी फैसले लेने का अधिकार देंगे।”
प्रदेश एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बताया कि शनिवार दोपहर 2 बजे विधान भवन में विधायकों, सांसदों और पार्टी नेताओं की बैठक होगी, जिसमें विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हम दिनभर चल रहे धार्मिक अनुष्ठानों के कारण सुनेत्र वहिनी से बात नहीं कर पाए लेकिन हमें उम्मीद है कि वह बैठक में मौजूद रहेंगी।”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उपमुख्यमंत्री पद से जुड़ा फैसला एनसीपी को लेना है।
उन्होंने कहा, “एनसीपी और अजित पवार के परिवार द्वारा लिया गया जो भी फैसला होगा, हम उसका समर्थन करेंगे। सरकार और पार्टी, दोनों के रूप में हम पवार परिवार के साथ खड़े हैं। एनसीपी नेताओं ने मुझसे दो बार मुलाकात की और आंतरिक प्रक्रिया तथा विकल्पों पर चर्चा की।”
खास बात यह है कि सुनेत्र पवार का शपथ ग्रहण उस पारिवारिक बैठक से पहले हो सकता है, जिसमें एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर चर्चा होनी थी। यह बैठक पुणे के बारामती में प्रस्तावित थी। दोनों गुटों के बीच विलय को लेकर पहले ही बातचीत शुरू हो चुकी है और कुछ स्थानीय निकाय चुनाव वे साथ मिलकर लड़ चुके हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सुनेत्र पवार ने पद स्वीकार करने की सहमति जताई, जिसके बाद प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात कर पार्टी का फैसला उन्हें बताया।
एक वरिष्ठ एनसीपी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह केवल औपचारिकता थी क्योंकि भाजपा और मुख्यमंत्री की सहमति भी उतनी ही अहम थी। मुख्यमंत्री ने हमें प्रक्रिया जल्द पूरी करने और शनिवार को ही शपथ ग्रहण कराने को कहा।”
प्रफुल्ल पटेल ने अलग से कहा कि सुनेत्रा पवार के विधायक दल का नेता बनने पर किसी तरह का विरोध नहीं है।
शुक्रवार को एनसीपी नेताओं ने बारामती में सुनेत्रा पवार से संक्षिप्त मुलाकात की। मुख्यमंत्री से बैठक के बाद पार्टी के राजनीतिक रणनीतिकार नरेश अरोड़ा ने सुनेत्रा पवार और उनके बेटों पार्थ व जय से मुलाकात कर बैठकों और शपथ ग्रहण की समय-सारिणी पर चर्चा की। परिवार की सहमति के बाद पार्टी कार्यालय ने विधायकों को शनिवार की बैठक के लिए बुलाया।
शुक्रवार देर रात सुनेत्रा पवार अपने बेटों के साथ बारामती से मुंबई रवाना हुईं। पार्टी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भी पवार परिवार के पास ही रहेगा और भविष्य में यह जिम्मेदारी भी सुनेत्रा पवार को मिल सकती है, हालांकि इस पर फैसला बाद में होगा।
दोनों गुटों के विलय को लेकर भी परिवार में चर्चा होने की संभावना है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, “अजित पवार गुट की तुलना में शरद पवार गुट विलय को लेकर ज्यादा उत्सुक है। शीर्ष के कुछ नेताओं को छोड़ दें तो अजित पवार गुट के लगभग सभी नेता विलय के पक्ष में हैं, लेकिन अंतिम फैसला कुछ हफ्तों के लिए टल सकता है।”
एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि दोनों गुटों के बीच सत्ता संघर्ष पहले ही शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा, “कुछ नेता विलय का विरोध कर रहे हैं, जबकि पवार गुट के जयंत पाटिल, अंकुश काकड़े और शशिकांत शिंदे जैसे नेता सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि फरवरी में अजित पवार ने उनसे विलय पर चर्चा की थी। इन बयानों के बाद कई विधायक भी विलय के समर्थन में आने लगे। इसी पृष्ठभूमि में जल्दी बैठक बुलाकर विधायक दल का नेता चुनने का फैसला किया गया। विलय और पार्टी अध्यक्ष को लेकर चर्चा बाद में होगी।”
गौरतलब है कि अजित पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में मौत हो गई थी। यह हादसा राज्य की राजनीति के एक युग का अंत माना जा रहा है और इससे उड़ान संचालक तथा हवाई पट्टी की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
66 वर्षीय अजित पवार एक मध्यम आकार के बिजनेस जेट से सुबह 8.10 बजे मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे, जहां उन्हें ग्रामीण निकाय चुनावों के लिए रैलियों को संबोधित करना था। 13 मिनट बाद विमान उतरने की प्रक्रिया में आया लेकिन रनवे दिखाई न देने के कारण पहली लैंडिंग रद्द कर दी गई। दोबारा चक्कर लगाने के बाद 8.43 बजे दूसरी बार लैंडिंग की पुष्टि हुई, लेकिन एक मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को रनवे के पास आग की लपटें दिखाई दीं और विमान संतुलन खोकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
कुल मिलाकर विमान 33 मिनट तक हवा में रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, अजित पवार की पहचान उनकी कलाई घड़ी से हुई।
शुक्रवार को उनके बेटों पार्थ और जय ने बारामती के पास नीरा और करहा नदियों के संगम पर उनकी अस्थियां विसर्जित कीं। इस दौरान सुनेत्रा पवार, सुप्रिया सुले और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे।
इसी बीच, शरद पवार ने बारामती के पास निरवगज गांव का दौरा कर स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की, जो दूषित पानी की समस्या को लेकर शिकायत कर रहे थे।
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